Page Nav

HIDE

Breaking News:

latest

Total Pageviews

बीड़ी कारोबार पर हावी हुआ गुटखा, डिमांड बढ़ने पर पता कारोबारी भी इसे बनाने में जुटे, मुनाफा बड़ा है

  बीड़ी कारोबार पर हावी हुआ गुटखा, डिमांड बढ़ने पर पता कारोबारी भी इसे बनाने में जुटे, मुनाफा बड़ा है शिवपुरी में सबसे धनाढ्य सेठों ने तेंदू...

 बीड़ी कारोबार पर हावी हुआ गुटखा, डिमांड बढ़ने पर पता कारोबारी भी इसे बनाने में जुटे, मुनाफा बड़ा है

शिवपुरी में सबसे धनाढ्य सेठों ने तेंदूपत्ता से शुरू किया था कारोबार, बाजार में बीड़ी की डिमांड कम होने व गुटखा की बढ़ने से बदला धंधा 

अमोला में पकड़ी गई अवैध गुटखा फैक्ट्री की छापामार कार्यवाही के 24 घंटे बाद भी बनाने वाले का नाम अज्ञात 

शिवपुरी से सैमुअल दास::



शिवपुरी सहित प्रदेश व देश में बीड़ी का चलन कम होने के साथ ही गुटखा की डिमांड बढ़ गई। जिसका सीधा असर शिवपुरी के तेंदूपत्ता कारोबारियों ओर पड़ा है। शायद यही वजह है कि अब पत्तेवालों के नाम से पहचान रखने वाले भी गुटखा बनवा रहे हैं। यह फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित करने वालों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते करेरा के अमोला में चल रही गुटखा फैक्ट्री को ढूंढने में 2 साल लग गए, तो अब प्रशासन को शिवपुरी एवं ख़तौरा में चल रही फैक्ट्रियां कब तक मिल पाएंगी..?

शिवपुरी में सबसे अधिक आर्थिक हैसियत रखने वालों के नाम पर यदि गौर करेंगे, तो उनके पीछे पत्तेवाला लगा हुआ है। चूंकि एक समय में शहरी क्षेत्र से कई गुना अधिक बीड़ी की खपत ग्रामीण क्षेत्रों में हुआ करती थी। पहले ग्रामीण पुरुष ही नहीं महिलाएं भी बीड़ी पीती थीं। एक लंबे समय बाद यह प्रचलन बदल गया, और अब बीड़ी की जगह लोग गुटखा खाना पसंद करने लगे। इसका असर बीड़ी बाजार पर भी पड़ा, तथा तेंदूपत्ता की मांग भी बाजार में बहुत कम हो गई। 

शिवपुरी के एक तेंदूपत्ता कारोबारी ने बताया कि पहले हमारा पत्ता सागर, ललितपुर सहित कई बड़ी बीड़ी फैक्ट्रियों में अच्छे दाम पर खरीदा जाता था, लेकिन पिछले कुछ समय से बाजार में एकाएक बीड़ी की डिमांड कम होकर गुटखे की मांग बढ़ गई। चूंकि गुटखा बनाने में मटेरियल 50 पैसे का लगाकर पुड़िया 5 रुपए की बिकती है, इसलिए अब इस कारोबार को अवैध रूप से संचालित कर बाजार की डिमांड को कवर किया जा रहा है। 

शिवपुरी में बडौदी के आगे शिवपुरी विधायक के कोल्ड स्टोरेज से कुछ दूरी पर ही एक बड़ा प्लांट संचालित किया जा रहा है, जिसमें सैकड़ों की संख्या के कर्मचारी काम करने आते हैं, और पिकअप वाहन से तैयार होने वाली गुटखा पाउच के पैकेट को लेकर आसपास के क्षेत्रों सहित दूसरे राज्यों तक सप्लाई हो रही है। जिस जमीन पर यह फैक्ट्री चल रही है, वो शिवपुरी विधायक की बताई जाती है। इसी तरह शिवपुरी के ख़तौरा में भी ऐसी ही एक फैक्ट्री चल रही है, तथा कोलारस विधायक भी ख़तौरा के ही रहने वाले हैं। उस फैक्ट्री में विधायक के खासमखास लालाजी का संरक्षण है। शिवपुरी के उक्त दोनों अवैध फैक्ट्रियों में लहर और पहेली नाम का गुटखा बनाया जा रहा है, तथा हर दिन लगभग 50 लाख का माल सप्लाई किया जाता है। जिस तरह से अमोला व टीला में गुटखा फैक्ट्री पर छापे मारे गए, उसी तरह की कार्यवाही की दरकार शिवपुरी व ख़तौरा में भी है। 

24 घंटे बाद भी निर्माता लापता..

करेरा एसडीएम अनुराग निगवाल से जब पूछा कि फैक्ट्री कौन संचालित करवा रहा था? तो वे बोले कि अभी तक पता नहीं चला है, तथा यह जांच फूड की टीम करेगी। अमोला में जिस भवन में फैक्ट्री चल रही थी, वो महिला जनपद सदस्य के पति जितेंद्र वेस का है।

No comments

Contact Form

Name

Email *

Message *

Latest Articles

Popular Posts