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जिम घोटाला प्रशासन की जांच में प्रमाणित, कलेक्टर ने 4 अधिकारियों पर कार्रवाई की अनुशंसा की

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जिम घोटाला प्रशासन की जांच में प्रमाणित, कलेक्टर ने 4 अधिकारियों पर कार्रवाई की अनुशंसा की

जिम घोटाला प्रशासन की जांच में प्रमाणित, कलेक्टर ने 4 अधिकारियों पर कार्रवाई की अनुशंसा

14 लाख की सामग्री के बदले 38 लाख के भुगतान का मामला, सप्लायर फर्म को ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा


शिवपुरी। शिवपुरी नगरपालिका में वार्ड 19 स्थित वीर सावरकर पार्क के जिम की सामग्री खरीदी में कथित अनियमितताओं का मामला जिला प्रशासन की जांच में सही पाया गया है। करीब 14 लाख रुपए की जिम सामग्री के लिए 38 लाख रुपए के भुगतान से जुड़ी शिकायत की जांच के बाद कलेक्टर अर्पित वर्मा ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त, भोपाल को रिपोर्ट भेजकर संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने तथा नगरपालिका के चार तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है।

मामले की शिकायत पार्षद विजय बिंदास सहित अन्य लोगों ने 3 अगस्त 2026 को जिला प्रशासन से की थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ के नेतृत्व में चार सदस्यीय जांच समिति गठित की थी। समिति ने जांच के बाद अपनी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी।

पहली निविदा बिना उचित कारण निरस्त करने का उल्लेख

जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर अर्पित वर्मा ने 29 सितंबर को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के आयुक्त को पत्र भेजा। इसमें उल्लेख किया गया है कि पहली बार आमंत्रित की गई निविदा को बिना किसी उपयुक्त कारण के निरस्त किया गया। इसके बाद दूसरी निविदा प्रक्रिया में भी स्वस्थ प्रतिस्पर्धा नहीं रखे जाने की बात सामने आई।

रिपोर्ट में कहा गया है कि संदिग्ध एवं अत्यधिक दरें प्रस्तुत करने वाली शिवम कंस्ट्रक्शन को अनुचित लाभ पहुंचाने की नीयत से निविदा प्रक्रिया में पारदर्शिता का पालन नहीं किया गया। इसी आधार पर संबंधित निविदा प्रक्रिया को निरस्त करने तथा फर्म को अन्य शासकीय कार्यों के लिए ब्लैकलिस्ट करने की अनुशंसा की गई है।

चार तत्कालीन अधिकारियों पर कार्रवाई की अनुशंसा

कलेक्टर की रिपोर्ट में नगरपालिका के तत्कालीन उपयंत्री जितेंद्र परिहार, सहायक यंत्री सचिन चौहान, कार्यपालन यंत्री मनोहर बागड़ी और तत्कालीन सीएमओ इशांक धाकड़ की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, इन अधिकारियों द्वारा अपने पद का दुरुपयोग कर निविदा प्रक्रिया को प्रभावित किए जाने की बात सामने आई है। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध उनकी सेवा शर्तों के अनुसार कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की अनुशंसा की है।

शिकायत के बाद बच सकते हैं नगरपालिका के 24 लाख रुपए

इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल 14 लाख रुपए की जिम सामग्री के लिए 38 लाख रुपए के भुगतान से जुड़ा है। शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि सामग्री की वास्तविक कीमत की तुलना में लगभग 24 लाख रुपए अधिक का भुगतान किया जा रहा था।

प्रशासन की जांच के बाद मामला सामने आने से नगरपालिका को संभावित रूप से होने वाला यह अतिरिक्त आर्थिक नुकसान फिलहाल रुक गया है। मामले में अब नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा कलेक्टर की अनुशंसा पर आगे की कार्रवाई की जानी है।

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