इधर कलेक्टर रिटायरमेंट पर उधर सरकारी विभागों में अधिकारियों का ना निरीक्षण और ना ही कार्रवाई...? विनोद विकट / शिवपुरी / जिल...
इधर कलेक्टर रिटायरमेंट पर उधर सरकारी विभागों में अधिकारियों का ना निरीक्षण और ना ही कार्रवाई...?
विनोद विकट / शिवपुरी / जिले के कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी पिछले लंबे समय से शिवपुरी में पदस्थ हैं और वह अब रिटायरमेंट पर बने हुए है ऐसा बताया जाता है कि आगामी नवंबर माह में कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी सरकारी नौकरी से रिटायर होंगे...? इधर जिले के किसी भी सरकारी विभाग के अधिकारी द्वारा जिले में किसी तरह का कोई निरीक्षण नहीं किया जा रहा है और ना ही किसी तरह की कोई कार्रवाई देखने को मिल रही है सरकारी विभागों में आदमी जाति कल्याण विभाग के अधिकारी के द्वारा छात्रावासों का ना निरीक्षण ना करवाई...? जबकि पिछले समय में जिले के छात्रावास से भोजन सहित अन्य समस्याओं को लेकर छात्र छात्राएं जनसुनवाई में अपनी शिकायतें लेकर आए हैं लेकिन कलेक्टर की अनदेखी और अधिकारी की उदासीनता से हालात जस की तस बने हुए हैं इसी तरह महिला बाल विकास विभाग के अंतर्गत सरकारी योजनाओं के तहत आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं लेकिन देखने में आया है कि पिछले लंबे समय से विभाग के अधिकारी डी एस जादौन के द्वारा जिले में आंगनबाड़ी केंन्दो का ना तो स्वयं के द्वारा निरीक्षण किया गया है और ना ही विभागों के अन्य जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया है और ना ही कार्रवाई की गई है ऐसे में जिले भर के आंगनबाड़ी केंद्र भगवान भरोसे संचालित बने हुए है जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ संजय ऋषिस्वर के द्वारा भी जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और उप स्वास्थ्य केंद्र सहित संजीवनी क्लिनिको का निरीक्षण नहीं किया जा रहा है और ना ही कोई कार्रवाई की जा रही है ऐसे में व्यवस्था भगवान भरोसे संचालित बनी हुई है जिले के पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारी मनीष उदेनिया सहित विभाग के अन्य अधिकारियों के द्वारा जिले की सड़कों पर निरीक्षण नहीं किया जा रहा है और ना ही जिम्मेदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई की जा रही है इस विभाग की व्यवस्था भी भगवान भरोसे संचालित है जिले का पी आई यू विभाग भी इसी तरह संचालित बना हुआ है जिले का प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना कार्यालय भी साइलेंट मोड पर है विभागीय अधिकारी द्वारा जिले में किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है और ना ही किसी तरह की कोई पारदर्शिता विभागीय कामों भी भगवान भरोसे संचालित बना हुआ है इस विभाग में अधिकारी जिले भर में क्या कार्य कर रहे हैं इसकी जानकारी किसी को नहीं है जिले का कृषि विभाग, पशु चिकित्सालय विभाग, नापतोल विभाग, मछली विभाग, खाद्य विभाग, जनपद पंचायत के सीईओ, जिला पंचायत के सीईओ, आबकारी विभाग, शिक्षा विभाग, ग्रामीण लोक यांत्रिकी विभाग, पीएचई विभाग, उद्यानगी की विभाग सहित कई अन्य विभागों में अधिकारियों का जिले में निरीक्षण और कार्यवाही पूरी तरह से शून्य बनी हुई है सरकारी विभागों पर जिले के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर जिले के सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित जिले के अन्य जनप्रतिनिधियों का बिल्कुल भी ध्यान नहीं है ऐसे में जिले की जनता भगवान भरोसे बनी हुई है

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