शुक्रिया टीम इंडिया.. हम सब भारतीयों को ये ख़ुशी के लम्हे देने के लिए.... सालों बाद मैंने कोई क्रिकेट टूर्नामेंट पूरा देखा है.. इसलिए पुरान...
शुक्रिया टीम इंडिया.. हम सब भारतीयों को ये ख़ुशी के लम्हे देने के लिए.... सालों बाद मैंने कोई क्रिकेट टूर्नामेंट पूरा देखा है.. इसलिए पुराना क्रिकेट प्रेमी होने के नाते, इन खिलाडियों के प्रदर्शन पर जो अनुभव किया वह लिख़ रहा हूं, शायद आप सहमत हों...क्योंकि भारतीय क्रिकेट में इस बार हम किसी एक या दो खिलाड़ी की दम पर नहीं, बल्कि हर मैच में अलग अलग खिलाड़ियों के योगदान से जीते हैं
भोपाल / रोहित शर्मा
19 नवंबर 2023 को अहमदाबाद में वन डे वर्ल्डकप के फाइनल में मिली हार के बाद रोहित शर्मा के आंसू, इसके बाद इस बार IPL में मुंबई इंडियंस की कप्तानी जाना और.. फिर T20 वर्ल्डकप में पहले पाकिस्तान, फिर ऑस्ट्रेलिया से चुन चुन कर बदला लेना और फाइनल में आखिरी 5 ओवर में हारते हुए मैच में दिमाग़ को शांत रखकर, जीत के बाद के शर्मा जी के आंसू.. सच में ख़ुशी के साथ ही एक ईमानदार और निस्वार्थ कप्तान की जीत है.. हालांकि इसी पल T20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से रोहित का सन्यास दुखी कर गया...
विराट कोहली
पूरे विश्वकप में यह चैंपियन खिलाड़ी संघर्ष करता रहा, लेकिन हर बार की तरह अपना सर्वश्रेष्ठ, सबसे बड़े मैच के लिए बचाया.. फाइनल में जब शुरू के ओवर्स में ही रोहित, सूर्या और पंत आउट हुए तो टीम को बिखरने से बचाया, आखिर में तेज खेलकर सम्मानजनक स्कोर तक टीम को पहुँचाया हालांकि इनके आलोचक हारने पर इन्ही को सबसे बड़ा कारण मानते... लेकिन क्रिकेट के जानकार, फाइनल के दबाव के बीच कोहली की इस पारी को ऐतिहासिक ही मानेंगे.. और आखिर में जीत के साथ T20 इंटरनेशनल को अलविदा कहकर एक बड़ा उदाहरण दे गए किंग कोहली
ऋषभ पंत
लगभग मरने के कगार पर पहुँचने वाले एक्सीडेंट के बाद, खुद को रिकवर करके पहले IPL फिर वर्ल्ड कप में खेलने लायक बनाया और फिर वर्ल्डकप में कुछ छोटी लेकिन अहम् पारी खेली और कई शानदार कैच पकड़े.. पंत से कुछ और बेहतरी की उम्मीद हमेशा
सूर्य कुमार यादव
सूर्या इस वर्ल्ड कप में कई बार से बेहतर खिलाड़ी रहे... तेजी भी और संयम भी.. और फाइनल में बल्लेबाजी में नहीं चले लेकिन 20 वें ओवर की पहली गेंद पर, मिलर का कैच... अहा.. बस वर्ल्डकप की ट्रॉफी उठाने जैसा रहा
हार्दिक पांड्या
जब सारी दुनिया खिलाफ थी, तब उठ खड़ा हुआ यह खिलाड़ी... मुंबई इंडियंस की कप्तानी मिलने के बाद, इनके खिलाफ देश में लोगों ने क्या क्या नहीं कहा,इसी बीच इनके तलाक की खबरों ने न जाने इस युवा को कैसे मानसिक आघात दिए होंगे.. लेकिन जब देश के लिए पांड्या खेले तो ऐसे खेले कि चैंपियन जैसे.. बॉलिंग में भी वही जलवा जो बैटिंग में... हार्दिक के प्रदर्शन ने बताया कि खिलाड़ी जब देश के लिए खेलता है तो जज्बा कुछ और होता है..
जसप्रीत बुमराह
अपने अब तक के क्रिकेट देखने के सफर में भारत के लिए इनसे बेहतर तेज गेंदबाज नहीं देखा.. बल्लेबाजी और स्पिन गेंदबाजी हमेशा से भारतीय टीम की ताकत रही है लेकिन इस विश्व कप में भारत और अन्य टीमों के बीच सबसे बड़ा फर्क जसप्रीत बुमराह थे
अक्षर पटेल
इनके चयन पर सवाल थे लेकिन इनका प्रदर्शन हर सवाल का उत्तर रहा.. कमाल की गेंदबाजी, फाइनल सहित कई मौकों पर उपयोगी बल्लेबाजी और एक शानदार कैच... गजब रहे टीम इंडिया के बापू
शिवम दुबे
इनका प्रदर्शन उम्मीदों से कम रहा वह भी तब जब इन फॉर्म यशस्वी जायसवाल, संजू सेमसन और रिंकू सिंह जैसे हिटर मौका तलाश रहे हों, कई बार इन्हें अच्छी शुरुआत मिली, लेकिन भुना नहीं पाए.. फिर भी 2-3 छोटी लेकिन उपयोगी पारी तो खेली ही
अर्शदीप सिंह
दुबले पतले से अर्शदीप की खासियत रही उनकी सटीक गेंदबाजी.. टूर्नामेंट में भारत की ओर से सबसे ज्यादा विकेट लिए और आखिरी के ओवर्स में एक भी मैच भारत की पकड़ से दूर नहीं होने दिया
रविन्द्र जडेजा
कुछ उपयोगी छोटी पारियां और कुछ अच्छी गेंदबाजी, जडेजा विश्वकप में पूरे रंग में तो नहीं दिखे लेकिन बहुत फीके भी नहीं रहे
कुलदीप यादव
सुपर 8 के मैच में टीम में लाये गए कुलदीप, लेकिन सेमीफाइनल तक के हर मैच में बस कमाल करते गए, उनकी गेन्दबाजी ने भारतीय टीम को बड़ी ताकत दी
मोहम्मद सिराज
इन्हें पिच की परिस्थिति के हिसाब से शुरु के तीन मैच में मौका मिला और इन्होने बढ़िया गेंदबाजी की
बाकी यशस्वी जायसवाल और संजू सेमसन दोनों के लिए यही ख़ुशी है कि वे विश्व विजेता टीम के हिस्सा रहे
अब खास बात राहुल द्रविड़ की - सम्मान दुनिया के सबसे शांत और भले खिलाड़ी रहे कोच साहब राहुल द्रविड़ के लिए, जो खुद टेस्ट क्रिकेट में 300 गेंद में 100 रन बनाते थे लेकिन उनके मार्गदर्शन में टीम इंडिया one day वर्ल्डकप के फाइनल में पहुंची और T20 की चैंपियन बनी... क्योंकि उन्होंने IPL में टुकड़ों में बंटे खिलाडियों को एक सूत्र में बांधकर.. सबसे बड़ा काम किया
लेखक सचिन चौधरी







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