खेल-खेल में आठ साल के बच्चे ने निगला 5 रुपए का सिक्का, क्रिटिकल होने से पहले डॉक्टरों ने आहार नली से निकाला शिवपुरी। खेल-खेल में आठ साल के...
खेल-खेल में आठ साल के बच्चे ने निगला 5 रुपए का सिक्का, क्रिटिकल होने से पहले डॉक्टरों ने आहार नली से निकाला
शिवपुरी। खेल-खेल में आठ साल के बच्चे ने 5 का सिक्का निगल लिया। घटना के बाद बच्चे की हालत बिगड़ने पर परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, बच्चे की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला चिकित्सालय के डाक्टर्स ने बच्चे को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय शिवपुरी में जांच-पड़ताल कर कैजुअल्टी ड्यूटी डॉक्टर द्वारा वरिष्ठ चिकित्सक नाक कान गला रोग विशेषज्ञ विभागाध्यक्ष डॉक्टर धीरेंद्र त्रिपाठी को फोन कर बच्चे की हालत के बारे में बताया। यहां नाक कान गला रोग विशेषज्ञ डॉ. मेघा प्रभाकर ने एक्सरा कराकर एंडोस्कोप की मदद से आहार नली में फंसे सिक्के की स्थिति देखी। इसके पश्चात् ऑपरेशन कर उसे बाहर निकाल लिया गया है। बच्चा अब पूरी तरह स्वस्थ्य है।
सांस लेने में होने लगी दिक्कत
बच्चे की मां रामा जाटव ने बताया कि बेटा रोहित जाटव स्कूल से आने के बाद घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इस दौरान बच्चों के पास मौजूद एक 5 सिक्के को "गायब करने" का खेल दिखाने की कोशिश में रोहित ने सिक्का अपने मुंह में डाल लिया। खेल-खेल में मुंह में रखा गया सिक्का सीधे गले में चला गया, जिससे बच्चे की सांस और स्वास्थ्य को खतरा पैदा हो गया। श्रीमंत राजमाता विजयाराजे सिंधिया चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय शिवपुरी लेकर पहुंचे। बच्चे को सांस लेने तथा निगलने में दिक्कतें आ रही थी बच्चे का एक्स-रे करवाया। बाद में डॉक्टर मेघा प्रभाकर, एस आर डॉक्टर मीनाक्षी गर्ग,एनएसथीसिया डॉक्टर संजीव ने ओटी में एंडोस्कोप की मदद से आहार नली तथा सांस नली के मध्य फंसे 5 रूपए के सिक्के को पतली चिपटी का सहारा लेकर सफलतापूर्वक निकाला गया। इस दौरान बच्चे को बेहोश किया गया था ताकि किसी प्रकार की गंभीर स्थिति निर्मित न हो। सफलता के साथ चंद मिनटों के भीतर ही आहार नली तथा सांस नली के मध्य फंसे सिक्के को निकालने में सफलता मिलने पर ओटी में उपस्थित सभी चिकित्सक, स्टाफ तथा परिजनों ने राहत की सांस ली।
ईएनटी रोग विशेषज्ञ डॉ. मेघा प्रभाकर ने बताया कि बच्चे की हालत बहुत ही नाजुक थी इसकी सूचना हमने अपने कालेज अधिष्ठाता डॉक्टरडी.परमहंस, अधीक्षक डॉक्टर आशुतोष चौऋषि को बताया और अधिष्ठाता के निर्देशन में तत्काल आज रात्रि हमारी डॉक्टर की टीम द्वारा सिक्के को बहार निकाल दिया है अब वह स्वस्थ्य है।


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