क्या शिवपुरी की राजनीति को मिलने वाला है ये उभरता हुआ सितारा *कपिल गुप्ता बने सनातन की नई स्वर-लहर* बेचैन👁️ नजर शिवपुरी की मिट्टी में एक...
क्या शिवपुरी की राजनीति को मिलने वाला है ये उभरता हुआ सितारा
*कपिल गुप्ता बने सनातन की नई स्वर-लहर*
बेचैन👁️ नजर
शिवपुरी की मिट्टी में एक नया नाम जन्म ले रहा है, वह नाम है कपिल गुप्ता। मात्र 33 वर्ष की आयु में यह युवा अपने अद्भुत संस्कारों और सहज व्यवहार से शहर के दिलों में उतर गया है। शिवपुरी के इतिहास की अब तक की सबसे भव्य भागवत कथा, वह भी बागेश्वर धाम के पूज्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के मुखारविंद से सुनने का सौभाग्य, शिवपुरी को कपिल गुप्ता ने ही दिलाया है। यह आयोजन न केवल आस्था और अध्यात्म का विराट उत्सव साबित हो रहा है बल्कि कपिल की छवि को शिवपुरी की सामाजिक राजनीति के क्षितिज पर भी अग्रिम पंक्ति में ले आया है।
कपिल की पहचान एक बेहद सरल सहज और मिलनसार व्यक्तित्व के रूप में है। गली-गली, घर-घर में लोग उन्हें इसलिए सराह रहे हैं, क्योंकि वे केवल मंच पर नहीं, धरातल पर भी लोगों से जुड़ते हैं। उनकी मुस्कान में स्नेह, वाणी में मधुरता और कर्म में सेवा भाव झलकता है। यही कारण है कि आज भव्य कथा का श्रवण का आयोजन कराकर आज हर उम्र वर्ग में वे चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।
यह आयोजन पूरी तरह गैर राजनीतिक है कपिल स्वयं भी किसी राजनीतिक महत्वाकांक्षा से दूर दिखाई देते हैं। उन्होंने हमेशा समाज सेवा को ही धर्म माना है। लेकिन राजनीति के पंडित कहते हैं कि जहाँ जनस्नेह होता है, वहीं नेतृत्व की राह बनना शुरू हो जाती है। और कुछ ऐसा ही कपिल के साथ होता दिख रहा है।
शिवपुरी में जिन्हें लोग स्नेह से महाराज कहकर पुकारते हैं केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की नजर भी अब इस युवा पर पड़ चुकी है। शिवपुरी की राजनीति वर्षों से एक धरातल से जुड़े, आधुनिक विचारों वाले नए नेतृत्व की प्रतीक्षा कर रही थी। और कपिल गुप्ता, उसी खाली जगह को अपनी विनम्र उपस्थिति से भरते दिख रहे हैं।
भीड़ की तपती धूप में खड़ा होकर सेवा करते हुए, हर व्यवस्था का ध्यान रखते हुए और हर दर्शक-श्रोता का अभिवादन करते हुए कपिल ने यह साबित कर दिया कि नेतृत्व केवल सत्ता का खेल नहीं, बल्कि समर्पण और संकल्प का स्वरूप है।
भविष्य क्या मोड़ लेगा, यह कहना मुश्किल है, पर इतना तय है कि शिवपुरी को उसकी राजनीति का एक उभरता सितारा मिल चुका है कपिल गुप्ता।
जनता के आशीर्वाद और समय की कसौटी पर खरा उतरते हुए, यह नाम आगे राजनीति का परचम भी लहराए ऐसी उम्मीदें अभी से पंख फैलाने लगी हैं। भीड़ में जो खामोशी से चलता है,
वही इतिहास के पन्नों पर मिलता है।
नाम बड़ा हो जाए ऐसा लक्ष्य नहीं,
दिलों में जगह बना ले वही असली नेतृत्व है।
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जिस ध्वज को साधना से उठाया जाता है,
उसे हवा नहीं, आशीर्वाद उड़ाता है।
युवा है अभी, पर विचार वृद्ध हैं,
कपिल केवल नाम नहीं शिवपुरी की नई युवा शक्ति है।

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