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एनजीटी ने लगाया शिवपुरी कलेक्टर पर 10 हजार का जुर्माना, राशि जमा करने के बाद ही अपना पक्ष रख पाएंगे कलेक्टर

  एनजीटी ने लगाया शिवपुरी कलेक्टर पर 10 हजार का जुर्माना, राशि जमा करने के बाद ही अपना पक्ष रख पाएंगे कलेक्टर  मामला नरवर के लखना व धुबाई ता...

 एनजीटी ने लगाया शिवपुरी कलेक्टर पर 10 हजार का जुर्माना, राशि जमा करने के बाद ही अपना पक्ष रख पाएंगे कलेक्टर 

मामला नरवर के लखना व धुबाई तालाब (वेटलैंड) में रिसॉर्ट व होटल बनाने का


शिवपुरी। जिले की ऐतिहासिक नरवर तहसील के वेटलैंड लखना एवं धुबाई तालाब के किनारों पर बनाए गए रिसॉर्ट एवं होटल को न हटाए जाने पर एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने शिवपुरी कलेक्टर पर 10 हजार का जुर्माना करते हुए आदेश दिया है, कि पहले उक्त राशि जमा की जाए, तब कलेक्टर का पक्ष सुना जाएगा।

यह है मामला:

शिवपुरी जिले की नरवर तहसील में लखना तालाब एवं धुबाई तालाब वेटलैंड में शामिल हैं, यह बात जिले के राजस्व विभाग ने भी अपने पंचनामे में स्वीकार किया है। एनजीटी का आदेश है कि वेटलैंड से 50 मीटर की दूरी तक कोई भी पक्का निर्माण नहीं हो सकता। इसके विपरीत नरवर की नगर परिषद अध्यक्ष के पुत्र गोविंद माहेश्वरी ने रिसॉर्ट एवं होटल इन तालाबों पर ही बना रखे हैं। एनजीटी के आदेशों के विपरीत किए गए इस कार्य की शिकायत शिवपुरी के युवा अभिभाषक अभय जैन ने मामला एनजीटी में लगाया था। 

यह होता है वेटलैंड, जिसके लिए यह है नियम

कोई भी जल संरचना जिसका क्षेत्रफल ढाई हेक्टेयर होता है, वो वेटलैंड कहलाता है। इसमें यह मायने नहीं रखता कि वो जल संरचना किस विभाग की जमीन पर है। एनजीटी का आदेश है कि यदि वर्ष 2017 से पूर्व कोई निर्माण किया गया है, तो उसे डिस्टर्ब नहीं किया जाएगा, लेकिन उसके बाद हुए निर्माण को तत्काल हटाया जाए।

दो दिन में मांगा था जवाब, अब लगाया जुर्माना::

एनजीटी में चल रहे इस मामले में कलेक्टर शिवपुरी से 17 मार्च 2026 को दो दिन में जवाब मांगा था, लेकिन जब जवाब नहीं दिया गया, तो बीते 2 अप्रैल 2026 को एनजीटी ने आदेश जारी किया है कि पहले कलेक्टर शिवपुरी 10 हजार रुपए जुर्माना भरें, उसके बाद उनकी बात सुनी जाएगी।

पॉलिटिकल प्रेशर में आदेश को किया था साइड:

नरवर के जिन दोनों वेटलैंड पर कब्जा कर रिसॉर्ट आदि बनाने वाले गोविंद माहेश्वरी के पिता मनोज माहेश्वरी राजनीतिक व्यक्ति हैं। शायद प्रशासन ने उसी पॉलिटिकल प्रेशर में कोई कार्यवाही नहीं की, जबकि पटवारी ने पंचनामा में उक्त सर्वे नंबरों को वेटलैंड में स्वीकार किया है। इसमें भी रोचक पहलू यह है कि उक्त जमीन माहेश्वरी परिवार की पैतृक न होकर पट्टे की जमीन बताई जा रही है।

टूरिस्ट विलेज के कमरे भी इसलिए रुके: 

शिवपुरी में टूरिज्म विभाग के होटल टूरिस्ट विलेज में पीछे की ओर नए कमरे बनाने का काम लगभग आधा हो गया था, जिसे एनजीटी के इसी आदेश ने रोक दिया। क्योंकि आदेश है कि वेटलैंड के 50 मीटर दूरी पर कोई पक्का निर्माण नहीं किया जा सकता, तथा सांख्य सागर झील भी वेटलैंड है।

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