पिछोर विधायक का जागा पुत्र प्रेम, एसडीओपी को दी खुली चुनौती, बोले: करेरा तुम्हारे डैडी का नहीं बोले विधायक: दिनेश करेरा भी आएगा और चुनाव भ...
पिछोर विधायक का जागा पुत्र प्रेम, एसडीओपी को दी खुली चुनौती, बोले: करेरा तुम्हारे डैडी का नहीं
बोले विधायक: दिनेश करेरा भी आएगा और चुनाव भी लड़ेगा, यह सुनकर स्थानीय नेता चिंतित
शिवपुरी। पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी का एक वीडियो सोमवार को वायरल हुआ, जिसमें वो (आईपीएस) एसडीओपी करेरा आयुष जाखड़ को खुली चुनौती देते हुए सवाल भी कर रहे हैं कि करेरा क्या तुम्हारे डैडी का है। इतना ही नहीं, विधायक ने कहा कि मेरा बेटा दिनेश करेरा भी आएगा, तथा चुनाव भी लड़ेगा। उनकी इस लाइन ने स्थानीय नेताओं को चिंतित कर दिया।
गौरतलब है कि पिछोर विधायक के छोटे पुत्र दिनेश लोधी ने बीते 16 अप्रैल को अपनी थार गाड़ी से 5 लोगों को टक्कर मार दी थी। घटना की सूचना मिलते ही प्रीतम लोधी ने सोशल मीडिया पर बयान जारी किया था कि मेरा बेटा या परिवार से पहले जनता सर्वोपरी है। घटना के दो दिन बाद जब करेरा एसडीओपी के सामने दिनेश की पेशी हुई, तो आयुष जाखड़ ने दिनेश को चेतावनी दी कि अब करेरा में दिख मत जाना। आईपीएस की इस लाइन ने प्रीतम लोधी में पुत्र प्रेम जाग उठा, और उन्होंने आईपीएस को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि करेरा तुम्हारे डैडी का नहीं है, मेरा बेटा दिनेश करेरा जाएगा और वहां से चुनाव भी लड़ेगा। उनका तो यहां तक कहना है कि मेरे बेटे से मामूली एक्सीडेंट हो गया, तो उसे इतना हाइलाइट कर दिया गया, तथा पुलिस अपना यह रूप दिखा रही है। जबकि एक आदिवासी महिला की एक्सीडेंट में मौत होने के बाद पुलिस ने कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई, क्योंकि वो गरीब पैसा नहीं दे सकते। करेरा पुलिस उन्हीं मामलों पर ध्यान देती है, जहां से उसको रुपए मिलते हैं।
ज्ञात रहे कि बीते रविवार को एक कंटेनर ने बाइक सवार को टक्कर मारी थी, जिसमें एक आदिवासी महिला की मौत हो गई थी, तथा कंटेनर वाला बाइक को अपने ट्रक में फंसाकर 18 किमी दूर तक ले गया। प्रीतम लोधी इसी मामले का जिक्र कर रहे थे।
चुनाव लड़ने की लाइन ने बढ़ाई चिंता:
करेरा विधानसभा पिछले कई वर्षों से अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित रही थी, लेकिन अब अगले विधानसभा चुनाव में अन्य वर्ग के लिए रास्ता खुलने वाला है, जिसके लिए कई स्थानीय नेता तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस दौरान पिछोर विधायक द्वारा अपने बेटे को करेरा से चुनाव लड़ाने की बात कहकर अन्य नेताओं की चिंता बढ़ा दी है।
टीआई की कारगुज़ारी के फेर में आईपीएस निशाने पर
जिले के करेरा थाने के टीआई की कार्यप्रणाली से पूरा पुलिस महकमा वाकिफ है। गांधी जी की चाहत में वो नियमाविरुद्ध प्रकरण दर्ज करने से भी परहेज नहीं करते। न जाने क्यों, करेरा एसडीओपी भी उनके सांचे में ढले हुए नजर आ रहे हैं, जिसके चलते वो जनप्रतिनिधियों के निशाने पर आ गए।

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