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प्रीतम का करेरा कनेक्शन: पिछली बार बेटे का मामला, इस बार बगीचा सरकार पर हुए विवाद में दिए पुराने डायलॉग

  प्रीतम का करेरा कनेक्शन: पिछली बार बेटे का मामला, इस बार बगीचा सरकार पर हुए विवाद में दिए पुराने डायलॉग स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने साधी चुप...

 प्रीतम का करेरा कनेक्शन: पिछली बार बेटे का मामला, इस बार बगीचा सरकार पर हुए विवाद में दिए पुराने डायलॉग

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने साधी चुप्पी, पिछोर विधायक को बगीचा सरकार ने दिया मौका, राजनीतिक बिसात की भी सुगबुगाहट


शिवपुरी। जिले की करेरा विधानसभा से पिछोर विधायक प्रीतम लोधी का कनेक्शन भले ही अभी समझ से बाहर हो, लेकिन इसके पीछे चल रही राजनीतिक बिसात की तैयारी पर चर्चा शुरू हो गई। पहले बेटे के मामले में विधायक प्रीतम लोधी ने जो डायलॉग दिए थे, उन्हें ही बगीचा सरकार पर हुए विवाद के दौरान उन्होंने रिपीट किए। महत्वपूर्ण बात यह है कि करेरा में लोधी मतदाता भी पर्याप्त संख्या में हैं तथा पूर्व के लोकपाल लोधी भी जनपद अध्यक्ष बन चुके हैं। अब इसमें मर्जी विधायक की है या ईश्वर की, यह तो आने वाला समय बताएगा। 

एक समय था कि करेरा सहित आसपास क्षेत्र के।लोगों के बीच यदि विवाद होता था, वो पुलिस थाने न जाकर बगीचा सरकार पर आकर कसम खाकर अपने विवाद निपटाते थे। जिसके चलते करेरा थाने में बहुत कम मामले दर्ज हुआ करते थे। समय के साथ इतना बदलाव हो गया कि अब बगीचा सरकार पर हों रहे विवाद को निपटाने पुलिस को आना पड़ रहा है। इस खेल में कौन सही और कौन गलत, उसका परिणाम तो ईश्वर देगा, लेकिन इतना सब कुछ होने के बाद भी स्थानीय जनप्रतिनिधि एक भी बार विवाद निपटाने नहीं पहुंचे, जबकि पिछोर विधायक प्रीतम लोधी ने प्रधानमंत्री की सलाह को दरकिनार करते हुए आधा सैकड़ा गाड़ियों के काफिले के साथ बगीचा सरकार पहुंचकर साधु संतों को न केवल सहयोग का भरोसा दिलाया, बल्कि पुलिस को भी वहां बैठाकर निष्पक्ष कार्यवाही के लिए कहा है।

करेरा से भाजपा के विधायक रमेश खटीक हैं, जो इस पूरे एपीसोड में कहीं नजर नहीं आए। भाजपा जिलाध्यक्ष जसमंत जाटव भी करेरा से ही आते हैं, लेकिन वो भी इस पूरे परिदृश्य से गायब हैं। तो क्या स्थानीय जनप्रतिनिधियों का इस आस्था के केंद्र पर विश्वास कमजोर है, तथा प्रीतम लोधी का अधिक है, शायद इसीलिए वो बिना देर किए अपने लाव लश्कर के साथ बगीचा सरकार न केवल पहुंच गए, बल्कि साधु संतों पर हमला करने वालों को सख्त लहजे में हिदायत भी दे डाली कि मुझे हिंदी और अंग्रेजी दोनों में समझाना आता है। 

बेटे को चुनाव लड़ाने की कही थी बात::

पिछोर विधायक प्रीतम लोधी के छोटे बेटे दिनेश लोधी का जो मामला करेरा में हुआ था, उसमें प्रीतम ने यह कहा था कि मेरा बेटा करेरा जाएगा और चुनाव भी लड़ेगा, जिसमें दम हो रोककर बता दे। हालांकि वायरल वीडियो के बाद पार्टी स्तर पर उन्हें सख्त लहजे में समझाइश देने के बाद उन्होंने चुप्पी साध ली थी। लेकिन इस दौरान प्रीतम ने अपनी भविष्य की राजनीतिक बिसात के पत्ते ओपन जरूर कर दिए। वो मामला किसी तरह शांत हुआ, तो अब बगीचा सरकार ने प्रीतम को फिर करेरा बुला लिया। इसे क्या मानें... आप अपनी राय जरूर दें..?

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