अपनों पर ही नहीं भरोसा, इसलिए जिंदा रहते हुए ही गंगापूजन भंडारे के छपवाए कार्ड करेरा के हाजीनगर के कल्याण ने आगामी 16 मई को भंडारे की तारी...
अपनों पर ही नहीं भरोसा, इसलिए जिंदा रहते हुए ही गंगापूजन भंडारे के छपवाए कार्ड
करेरा के हाजीनगर के कल्याण ने आगामी 16 मई को भंडारे की तारीख की तय, अब बात करने को तैयार नहीं
शिवपुरी। घर के किसी सदस्य की मौत के 13 दिन बाद परिवार वाले तेरहवीं (गंगापूजन) भंडारा करते हैं, लेकिन शिवपुरी जिले के एक व्यक्ति ने जिंदा रहते हुए खुद के गंगापूजन की तैयारी कर ली। इतना ही नहीं, उसने गंगापूजन के कार्ड भी छपवा दिए। कार्ड में डाले गए मोबाइल नंबर पर जब संपर्क किया, तो दूसरी तरफ से उस व्यक्ति के बेटे ने फोन उठाया, तथा गंगापूजन के संबंध में कोई भी बात करने से इंकार कर दिया।
बुधवार को सोशल मीडिया पर एक कार्ड बहुत तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें करेरा तहसील के ग्राम हाजीनगर में रहने वाले कल्याण उर्फ कल्लू पाल ने अपने गंगापूजन भंडारे का कार्ड छपवाया है। जिसमें भंडारे की तारीख 16 मई तय की है। सूत्रों का कहना है कि कल्लू को अपने परिजनों पर भरोसा नहीं है कि उनके दुनिया छोड़ने के बाद परिवार वाले उनकी तेरहवीं करेंगे। इसी आशंका के चलते कल्लू ने स्वयं जिंदा रहते हुए खुद के गंगा पूजन की तैयारी करने के साथ ही भंडारे के कार्ड भी छपवा दिए। चूंकि कल्लू अभी जिंदा है, और कार्ड में उनका फोटो भी लगा है, इसलिए उनके परिचितों ने जब यह कार्ड देखा तो उन्हें भी यह जानने की जिज्ञासा हुई। कार्ड में प्रकाशित मोबाइल नंबर पर जब संपर्क करने का प्रयास किया, तो 6 बार फोन लगाने के बाद कॉल रिसीव किया, तो दूसरी तरफ से कल्लू के बेटे ने फोन उठाकर कहा कि हमारे पास इतने फोन आ चुके हैं कि अब हमें इस संबंध के कुछ नहीं कहना। यानि खुद के जिंदा रहते हुए गंगापूजन का कार्ड छपवाने से अब कल्लू खुद को असहज महसूस कर रहे हैं। क्योंकि हर कोई एक ही बात पूछ रहा है कि क्या अपने परिजनों पर इतना भरोसा नहीं है कि उनके मरने के बाद परिवार वाले तेरहवीं करेंगे। अब सच्चाई जो भी हो लेकिन आगामी 16 मई को कल्लू का गंगापूजन होना तय है।

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