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सफरनामा : 2004 में खनिज निरीक्षक से शुरू हुआ सफर, अब शिवपुरी के जिला खनिज अधिकारी के रूप में निभा रहे जिम्मेदारी

  सफरनामा : 2004 में खनिज निरीक्षक से शुरू हुआ सफर, अब शिवपुरी के जिला खनिज अधिकारी के रूप में निभा रहे जिम्मेदारी विभिन्न जिलों में सेवाएं ...

 सफरनामा : 2004 में खनिज निरीक्षक से शुरू हुआ सफर, अब शिवपुरी के जिला खनिज अधिकारी के रूप में निभा रहे जिम्मेदारी


विभिन्न जिलों में सेवाएं देकर बनाया लंबा अनुभव, ईमानदारी और निरंतर प्रयास को मानते हैं सफलता की कुंजी



शिवपुरी। सरकारी नौकरी में अलग-अलग जिलों और अलग-अलग परिस्थितियों में जिम्मेदारी निभाते हुए अपने अनुभव को लगातार मजबूत करना और हर जगह बेहतर काम करने का प्रयास करना आसान नहीं होता। लेकिन यदि मेहनत, ईमानदारी और अपने काम के प्रति लगन हो तो लंबा सफर भी सफलता की कहानी बन जाता है। ऐसी ही कहानी है रामसेवक हुई की, जिन्होंने वर्ष 2004 में खनिज विभाग में खनिज निरीक्षक के रूप में अपनी शासकीय सेवा शुरू की और विभिन्न जिलों में जिम्मेदारियां निभाते हुए आज शिवपुरी जिले में जिला खनिज अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

रामसेवक हुई मूल रूप से छिंदवाड़ा जिले के परासिया क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनका जन्म 15 मार्च 1979 को हुआ। नौकरी के शुरुआती दौर से ही उन्होंने विभागीय जिम्मेदारियों को गंभीरता से लेते हुए काम किया। वर्ष 2004 में अनूपपुर जिले में खनिज निरीक्षक के पद पर उनकी पहली पदस्थापना हुई। यह उनके सरकारी सेवाकाल की शुरुआत थी।

लगातार मेहनत और अपने कार्य के प्रति समर्पण के चलते वर्ष 2010 में उन्हें पदोन्नति मिली और वे सहायक खनिज अधिकारी के पद पर पहुंचे। इसके बाद उनका कार्यक्षेत्र लगातार बदलता रहा, लेकिन हर जिले में उन्होंने विभागीय जिम्मेदारियों को प्राथमिकता देते हुए काम किया।

रतलाम से लेकर आगर-मालवा तक जिम्मेदारियां

वर्ष 2013 में रतलाम में पदस्थापना के बाद वर्ष 2014 में बड़वानी में सेवाएं दीं। इसके बाद वर्ष 2015 से 2018 तक देवास जिले में पदस्थ रहे। देवास के बाद उन्हें उमरिया जिले में जिम्मेदारी मिली। वर्ष 2019 से 2022 तक शाजापुर में पदस्थ रहे।

इसके बाद उनका कार्यक्षेत्र आगर-मालवा रहा, जहां उन्होंने 25 अगस्त तक अपनी सेवाएं दीं। इसके बाद सितंबर माह में उन्हें शिवपुरी जिला खनिज अधिकारी की जिम्मेदारी मिली। अलग-अलग जिलों में लंबे समय तक काम करने के कारण उन्हें खनिज विभाग से जुड़े कार्यों का व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ है।

शिवपुरी में काम को लेकर गंभीरता

शिवपुरी में जिला खनिज अधिकारी के रूप में जिम्मेदारी संभालने के बाद रामसेवक हुई विभागीय कार्यों को लेकर सक्रिय नजर आ रहे हैं। खनिज से जुड़े मामलों में नियमों के पालन और विभागीय कार्रवाई को प्राथमिकता देने के साथ जिले में अवैध गतिविधियों पर नजर रखने का प्रयास किया जा रहा है।

उनकी कार्यशैली में ईमानदारी, नियमों के प्रति प्रतिबद्धता और लगातार काम करने की सोच दिखाई देती है। यही कारण है कि शिवपुरी में उनकी कार्यप्रणाली को लेकर विभागीय स्तर पर सकारात्मक चर्चा है। वे किसी भी जिम्मेदारी को केवल औपचारिकता के रूप में पूरा करने के बजाय उसे गंभीरता से निभाने में विश्वास रखते हैं।

लंबे अनुभव का शिवपुरी को मिल रहा लाभ

करीब दो दशक से अधिक समय से खनिज विभाग में सेवाएं दे रहे रामसेवक हुई ने प्रदेश के कई जिलों में काम किया है। अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने के कारण उन्हें खनिज विभाग की कार्यप्रणाली और मैदानी परिस्थितियों का अच्छा अनुभव है। यही अनुभव वर्तमान में शिवपुरी जिले में उनके काम में दिखाई दे रहा है।

शिवपुरी खनिज संपदा की दृष्टि से महत्वपूर्ण जिला है। ऐसे में खनिज विभाग की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण हो जाती है। विभाग के सामने जहां शासन के राजस्व की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, वहीं अवैध खनन और नियमों के उल्लंघन जैसी गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई करना भी जरूरी है। जिला खनिज अधिकारी के रूप में रामसेवक हुई इसी जिम्मेदारी को गंभीरता से आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं।

परिवार और नौकरी के बीच बनाया संतुलन

लंबे शासकीय सेवाकाल के दौरान लगातार जिलों में पदस्थापना के बावजूद उन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों को भी महत्व दिया। उनके परिवार में माताजी और 13 वर्षीय बेटा हैं। अलग-अलग जिलों में नौकरी के दौरान परिवार और विभागीय जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाकर उन्होंने अपना सेवाकाल पूरा किया।

युवाओं को दिया सफलता का मंत्र

रामसेवक हुई का मानना है कि जीवन में कोई भी लक्ष्य बिना मेहनत और निरंतर प्रयास के हासिल नहीं किया जा सकता। नौकरी के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उसे निर्धारित करना और उसके लिए लगातार प्रयास करते रहना जरूरी है।

युवा पीढ़ी के लिए उनका संदेश है कि आज के दौर में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। ऐसे में युवाओं को शॉर्टकट के बजाय मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास को अपनी ताकत बनाना चाहिए। असफलता आने पर रुकने के बजाय उससे सीख लेकर दोबारा प्रयास करना चाहिए। उनका मानना है कि लगातार मेहनत करने वाला व्यक्ति एक दिन अपनी मंजिल तक जरूर पहुंचता है।

खनिज निरीक्षक से जिला खनिज अधिकारी तक का सफर

वर्ष 2004 में अनूपपुर से खनिज निरीक्षक के रूप में शुरू हुआ रामसेवक हुई का सफर करीब दो दशक में अनूपपुर, हरदा, रतलाम, बड़वानी, देवास, उमरिया, शाजापुर और आगर-मालवा होते हुए अब शिवपुरी जिला खनिज अधिकारी तक पहुंचा है।

यह सफर केवल पदोन्नति और पदस्थापना का नहीं, बल्कि अलग-अलग जिलों में काम करते हुए हासिल किए गए अनुभव का भी है। आज शिवपुरी में वे अपने इसी अनुभव का उपयोग विभागीय कार्यों को बेहतर बनाने और शासन के निर्देशों के अनुसार जिम्मेदारी निभाने में कर रहे हैं।

रिपोर्ट : दीपक विकेट

30 अगस्त 2026

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