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जब मंजिल सरकारी सेवा हो तो रास्ते की हर परीक्षा बन जाती है सीढ़ी

सफरनामा : सोनम गुप्ता सफरनामा / विनोद विकट / शिवपुरी जब मंजिल सरकारी सेवा हो तो रास्ते की हर परीक्षा बन जाती है सीढ़ी डबरा की सोनम गुप्ता ने...


सफरनामा : सोनम गुप्ता

सफरनामा / विनोद विकट / शिवपुरी

जब मंजिल सरकारी सेवा हो तो रास्ते की हर परीक्षा बन जाती है सीढ़ी

डबरा की सोनम गुप्ता ने PSC के तीन चरण पार कर संभाली शिवपुरी जनपद पंचायत CEO की जिम्मेदारी


शिवपुरी। सरकारी सेवा में पहुंचने का सपना हजारों युवा देखते हैं, लेकिन इस सपने को हकीकत में बदलने के लिए लंबी तैयारी और धैर्य की जरूरत होती है। डबरा निवासी सोनम गुप्ता ने भी इसी राह पर आगे बढ़ते हुए PSC की चयन प्रक्रिया के तीन चरण पूरे किए और अब शिवपुरी जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं।


अप्रैल 2026 में शासकीय सेवा में पदस्थ हुईं सोनम गुप्ता के लिए शिवपुरी पहला जिला है। यहां उनकी जिम्मेदारी ग्रामीण क्षेत्र में शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन से लेकर पात्र हितग्राहियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने तक जुड़ी है।

परिवार और जन्म से जुड़ी जानकारी



सोनम गुप्ता का जन्म 4 सितंबर 1997 को हुआ। उनके पिता रामेश्वर जैन और माता ममता जैन हैं। परिवार में बड़ी बहन रिंकी जैन और छोटा भाई अमन जैन हैं। परिवार के सहयोग से उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की और सरकारी सेवा में आने का लक्ष्य हासिल किया।

इंदौर में दिया साक्षात्कार


सोनम गुप्ता ने बताया कि PSC की चयन प्रक्रिया में तीन प्रमुख चरण होते हैं। पहले प्रारंभिक परीक्षा, इसके बाद मुख्य परीक्षा और अंत में साक्षात्कार होता है। उन्होंने अपना साक्षात्कार इंदौर में दिया था।

उनके अनुसार वर्ष 2023 के परीक्षा परिणाम में पूर्व के परीक्षार्थियों के परिणाम में देरी के कारण आगे की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई। इसी वजह से ट्रेनिंग में भी विलंब हुआ। उन्होंने फरवरी 2026 में भोपाल में ट्रेनिंग पूरी की।

जनमन आवास योजना पर विशेष जोर

जनपद पंचायत में कार्य करते हुए सोनम गुप्ता ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित योजनाओं को पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने पर जोर दे रही हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के आदिवासी परिवारों को आवास निर्माण के लिए 2 लाख रुपए की सहायता राशि दी जाती है।

इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्र परिवारों को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपए की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाती है।

उनका कहना है कि योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि पात्र परिवारों को उसका वास्तविक लाभ मिले, यह सुनिश्चित करना जरूरी है।

ग्रामीणों तक पहुंचे शासन की योजनाएं

सोनम गुप्ता के अनुसार जनपद पंचायत के माध्यम से सरकार की विभिन्न जनहितकारी योजनाओं को ग्रामीण क्षेत्र तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। आवास के साथ ग्रामीण विकास से जुड़ी दूसरी योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

उनका कहना है कि प्रशासन की जिम्मेदारी केवल योजना बनाना नहीं, बल्कि उसके लाभ को पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना भी है। इसी सोच के साथ जनपद पंचायत स्तर पर योजनाओं की निगरानी और क्रियान्वयन का काम किया जा रहा है।

सोनम का युवाओं को संदेश

प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए सोनम गुप्ता का स्पष्ट संदेश है कि सबसे पहले अपना लक्ष्य तय करें। PSC की तैयारी करने वाले युवाओं को प्रारंभिक परीक्षा के बाद मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार के लिए भी शुरुआत से ही तैयारी करनी चाहिए।

उनके मुताबिक तैयारी के दौरान धैर्य बनाए रखना जरूरी है। सफलता एक दिन में नहीं मिलती, लेकिन नियमित अध्ययन, सही रणनीति और लगातार प्रयास से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

सोनम गुप्ता का सफर इस बात को सामने रखता है कि प्रतियोगी परीक्षा के तीन पड़ावों को पार करने के बाद मिलने वाली जिम्मेदारी केवल पद नहीं होती, बल्कि समाज और ग्रामीण क्षेत्र के विकास के लिए काम करने का अवसर भी होती है।

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