सफरनामा छिंदवाड़ा से शिवपुरी तक... तीन दशक से अधिक की प्रशासनिक यात्रा सफरनामा/ विनोद विकट/ शिवपुरी। किसी अधिकारी की प्रशासनिक पहचान केवल उस...
सफरनामा
छिंदवाड़ा से शिवपुरी तक... तीन दशक से अधिक की प्रशासनिक यात्रा
सफरनामा/ विनोद विकट/ शिवपुरी।
किसी अधिकारी की प्रशासनिक पहचान केवल उसके वर्तमान पद से नहीं, बल्कि अलग-अलग जिम्मेदारियों के दौरान अर्जित अनुभव से बनती है। शिवपुरी के अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला का प्रशासनिक सफर भी मध्यप्रदेश के कई जिलों से होकर गुजरा है। वर्ष 1994 में नायब तहसीलदार के रूप में शुरू हुई उनकी सरकारी सेवा अब तीन दशक से अधिक का सफर तय कर चुकी है।
अपने ‘सफरनामा’ में दिनेश चंद्र शुक्ला ने बताया कि सरकारी सेवा में उनकी शुरुआत छिंदवाड़ा जिले से हुई थी। उस समय उन्हें नायब तहसीलदार की जिम्मेदारी मिली थी। राजस्व प्रशासन से शुरू हुआ यह सफर आगे चलकर तहसीलदार, डिप्टी कलेक्टर और एसडीएम सहित विभिन्न प्रशासनिक पदों तक पहुंचा।
टीकमगढ़ में तहसीलदार के रूप में सेवाएं देने के बाद उन्होंने करीब चार वर्ष सागर में तहसीलदार की जिम्मेदारी संभाली। इसके बाद बैतूल में करीब चार वर्ष डिप्टी कलेक्टर के रूप में काम किया। प्रशासनिक जिम्मेदारियों का दायरा बढ़ा तो गुना में करीब ढाई वर्ष एसडीएम रहे।
इसके बाद उनका प्रशासनिक सफर ग्वालियर पहुंचा। यहां उन्होंने करीब तीन वर्ष एसडीएम झांसी रोड के रूप में कार्य किया। ग्वालियर नगर निगम में डिप्टी कमिश्नर की जिम्मेदारी भी संभाली। इस दौरान जिला प्रशासन के साथ नगरीय प्रशासन के कामकाज का अनुभव भी मिला।
प्रशासनिक सेवा के साथ शासन का अनुभव
दिनेश चंद्र शुक्ला के प्रशासनिक सफर का एक महत्वपूर्ण पड़ाव भोपाल भी रहा। उन्होंने करीब ढाई वर्ष मंत्री के विशेष सहायक के रूप में कार्य किया। इसके बाद तत्कालीन पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के साथ एडिशनल सीईओ के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई।
भोपाल में श्रम एवं ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े कार्यों में करीब दो वर्ष सेवाएं देने के साथ उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था के अलग-अलग स्तरों को करीब से देखा। इसके बाद शिवपुरी और करैरा में एसडीएम तथा निवाड़ी जिले में भी प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाली।
अब शिवपुरी में अपर कलेक्टर की जिम्मेदारी
24 फरवरी को शिवपुरी में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ होने के बाद दिनेश चंद्र शुक्ला जिला प्रशासन के महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। जिला मुख्यालय पर प्रतिदिन आम नागरिक अपनी समस्याओं और मांगों को लेकर प्रशासन के पास पहुंचते हैं। कई मामलों में नागरिकों और संगठनों द्वारा कलेक्टर अथवा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपे जाते हैं।
इन प्रकरणों में संबंधित विभागों से जानकारी लेकर नियमानुसार कार्रवाई और समस्या के समाधान की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ाना प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। लंबे प्रशासनिक अनुभव के चलते ऐसे मामलों में संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर कार्रवाई की जाती है।
जनसुनवाई में सीधे जनता से संवाद
कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देशन और मार्गदर्शन में आयोजित जनसुनवाई जिला प्रशासन का महत्वपूर्ण माध्यम है। यहां ग्रामीण और शहरी क्षेत्र से लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचते हैं। एडीएम दिनेश चंद्र शुक्ला भी जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों को सुनते हैं और संबंधित विभागों से जानकारी लेकर उनके निराकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हैं।
तीन दशक से अधिक समय तक विभिन्न जिलों में काम करने के कारण उन्हें प्रशासन के अलग-अलग स्तरों पर कार्य करने का अवसर मिला है। राजस्व प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन, नगर निगम और शासन स्तर तक की जिम्मेदारियों का अनुभव उनके प्रशासनिक सफर का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अनुभव के साथ आगे बढ़ती जिम्मेदारी
10 अप्रैल 1965 को जन्मे दिनेश चंद्र शुक्ला ने वर्ष 1994 में नायब तहसीलदार के रूप में सरकारी सेवा शुरू की थी। छिंदवाड़ा से शुरू हुआ उनका सफर टीकमगढ़, सागर, बैतूल, गुना, ग्वालियर, भोपाल, शिवपुरी, करैरा और निवाड़ी तक पहुंचा।
विभिन्न प्रशासनिक पदों पर सेवाएं देने के बाद वर्तमान में वे शिवपुरी के अपर कलेक्टर हैं। जिला मुख्यालय पर जनता से जुड़े मामलों में प्रशासनिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाना और प्राप्त शिकायतों के नियमानुसार निराकरण की दिशा में कार्रवाई करना उनकी वर्तमान जिम्मेदारियों का प्रमुख हिस्सा है।



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