अगर पूर्व मंत्री सुरेश पार्टी से बाहर हो जाएं तो कोई बड़ी बात नहीं होगी? राजनीतिक तीर/ विनोद विकट /शिवपुरी / समाज में रहने वाले प्रत्येक व...
अगर पूर्व मंत्री सुरेश पार्टी से बाहर हो जाएं तो कोई बड़ी बात नहीं होगी?
राजनीतिक तीर/ विनोद विकट /शिवपुरी / समाज में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को घटना के समय पर बोलना अवश्य चाहिए? जिस समय घटना हुई अगर उस समय मौजूद लोग घटना का विरोध करते तो अवश्य ही यह मामला इतना गहरा नहीं जाता? एक बार घटनाक्रम पर प्रकाश डालते हैं? शनिवार को सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होता है जिसमें राजीनामा के तौर पर वेश्य समाज के एक युवक को सिर पर जूते रखकर माफी मांगना पड़ती है? वीडियो वायरल होने के बाद जिले से लेकर राजधानी तक मामला गरम हो जाता है? अभी शनिवार की रात चल रही थी? इसके बाद रविवार सुबह इस मामले को विपक्ष के नेता हाथों हाथ लपक लेते हैं? और कांग्रेस विधायक कैलाश कुशवाह के साथ कांग्रेस अध्यक्ष विजय सिंह चौहान कांग्रेस नेता मोहित अग्रवाल कांग्रेस नेता भरत सिंह रावत सहित अग्रवाल समाज के जिला अध्यक्ष प्रेस वार्ता आयोजित करते हैं? जिसमें पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक सुरेश धाकड़ को घटना से जोड़ा जाता है? इसके बाद बड़ी संख्या में वैश्य समाज एकत्रित हो जाता है? एडिशनल एसपी को ज्ञापन दिया जाता है? इसके बाद वेश्य समाज बड़ी संख्या में बैराड पीड़ित युवक के परिवार के पास पहुंचता है? पुलिस थाने के सामने बड़ी संख्या में पीड़ित परिवार के साथ सर्व समाज के लोगों द्वारा घटना का जमकर विरोध किया जाता है? देखते ही देखते इस मामले में दो लोगो के खिलाफ पुलिस FIR हो जाती है? दो में से एक आरोपी को गिरफ्तार कर पुलिस जुलूस भी निकाल देती है? इसके बाद वेश्य समाज के लोग आरोपियों के घरों पर और कब्जा की हुई जमीन पर अतिक्रमण की मांग करने लगते हैं? घटनाक्रम को यहीं पर खत्म करते हैं? सवाल? भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मध्य प्रदेश में भाजपा के दो पदाधिकारी को लेकर कठोर कार्रवाई की है? पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया है? अब समाचार की हेडलाइन पर आते हैं? तो घटना के समय पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक सुरेश धाकड़ राठखेड़ा घटनास्थल पर गए? घटना से संबंधित मामले की जानकारी ली? घटना में उन्हें बताया गया कि झगड़े के बाद राजीनामा किया जा रहा है? इसके बाद पूर्व मंत्री एवं विधायक सुरेश घटना से निकलकर अपने निवास पोहरी पर आ जाते हैं? उसके बाद घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो जाता है? यह सभी बातें पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक सुरेश धाकड़ ने सोशल मीडिया पर वायरल अपनी स्वयं के बयान में बताया है? घटना के तुरंत बाद पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक को सोशल मीडिया का वीडियो तत्काल संज्ञान में आ गया था? उसके बाद पूर्व मंत्री ने अपनी जिम्मेदारी नहीं समझी? ना रात में पीड़ित के घर पहुंचे? ना सुबह पीड़ित के घर पहुंचे? आखिर इसकी वजह क्या है? मामला भोपाल तक पहुंच गया? लेकिन पूर्व मंत्री पीड़ित के घर तक नहीं पहुंचे? शनिवार की पूरी रात निकल गई रविवार का पूरा दिन निकल गया इसके बाद भी पूर्व मंत्री केवल सोशल मीडिया पर अपना बयान देते रहे लेकिन पीड़ित के घर नहीं पहुंचे? क्या पूर्व मंत्री नेता होने से पहले एक इंसान नहीं है? स्वयं के क्षेत्र में घटित हो रही घटनाओं को लेकर क्या पूर्व मंत्री की कोई जिम्मेदारी नहीं है? कहने का आशय इतना है कि इतनी बड़ी घटना की जानकारी होने के बाद भी पूर्व मंत्री ने तत्काल एक्शन क्यों नहीं लिया? क्यों पीड़ित और आरोपी पक्ष को दोबारा बुलाकर घटना का विरोध क्यों नहीं किया? इसका मतलब है कि है इस घटना में पूर्व मंत्री का खुला हाथ था? बाह रे पूर्व मंत्री? इस घटना को लेकर पूरे मध्य प्रदेश को ही पागल बना दिया? पूरे घटनाक्रम को देखते हुए सामने निकल कर यही आ रहा है कि इस घटना में कहीं ना कहीं पूर्व मंत्री सुरेश धाकड़ राठखेड़ा का हाथ था? लेकिन मंत्री जी आप राजनीति में ज्यादा दिन तक नहीं चल पाएंगे इतना ही आपसे कहा जा सकता है? समाज के भीतर आपके क्षेत्र में कितनी शर्मनाक घटना घटित हुई और आप घर से नहीं निकले? आप स्वयं को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का समर्थक बोलते हो और काम ऐसे करते हो क्या आपको शर्म नहीं आती? खैर आपने आपका काम कर दिया लेकिन आपकी पार्टी और आपके प्रदेश अध्यक्ष इसको किस तरह देखते हैं यह आने वाला समय ही बताएगा? राजनीतिक तीर से विनोद विकट की आपको राम राम अवश्य पहुंचे?

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