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माधव चौक पर नहीं मिली धरने की इजाजत तो नपा परिसर में लगाया तम्बू, किया सुंदरकांड पाठ

  माधव चौक पर नहीं मिली धरने की इजाजत तो नपा परिसर में लगाया तम्बू, किया सुंदरकांड पाठ घोटालों का जांच में खुलासा होने के बाद भी अध्यक्ष को ...

 माधव चौक पर नहीं मिली धरने की इजाजत तो नपा परिसर में लगाया तम्बू, किया सुंदरकांड पाठ

घोटालों का जांच में खुलासा होने के बाद भी अध्यक्ष को न हटाने व शेष आरोपियों पर कार्रवाई की मांग पर धरने पर बैठे पार्षद


शिवपुरी। शहर के हृदय स्थल माधव चौक पर क्रमिक अनशन की परमीशन न मिलने की वजह से पार्षदों। ने नपा परिसर में अपना तम्बू लगा दिया। मंगलवार को पार्षदों ने सुंदरकांड का पाठ किया, जिसके साथ ही उनका धरना भी अब शुरू हो गया है। यानि नपाध्यक्ष हटाओ-शहर बचाओ अभियान एक बार फिर गति पकड़ गया। 

शिवपुरी नगरपालिका में हुए करोड़ों के घोटाले उजागर होने एवं जांच में प्रमाणित होने के बावजूद नपाध्यक्ष को हटाया नहीं गया। साथ ही न्यायालय द्वारा नपाध्यक्ष सहित अन्य जिम्मेदारों के नाम का जिक्र करने के बावजूद भी भ्रष्टाचार के दर्ज मामले में उनके नाम नहीं बढ़ाए गए। पार्षदों।का आरोप है कि हर बार की जांच में भ्रष्टाचार उजागर होने के बावजूद नपा में घोटाले और अवैध वसूली रुकने का नाम नहीं ले रही। 

नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा का विरोध करने वाले पार्षदों ने जो भी शिकायतें प्रशासन से की, उनकी जांच होने पर घोटाले प्रमाणित पाए गए। प्रशासनिक जांच में भ्रष्टाचार साबित होने के बाद भी न तो नपाध्यक्ष को हटाया गया, और ना ही नपा में चल रहे भ्रष्टाचार रुक पा रहे हैं। जिस भ्रष्टाचार के मामले में ठेकेदार जेल में बंद है, उस मामले में नपाध्यक्ष, सीएमओ व ईई की संलिप्तता न्यायालय ने अपने आदेश में बताई है, लेकिन इन लोगों के नाम अभी तक उस प्रकरण में नहीं बढ़ाए गए। इन सभी मामलों को लेकर पार्षदों ने मंगलवार को नपा परिसर में सुंदरकांड पाठ से धरने की शुरुआत कर दी। 

हर तरफ से छले गए पार्षद

करेरा में बगीचा सरकार के यहां शपथ खाकर आने के बाद नपाध्यक्ष को हटाए जाने का मामला तूल पकड़ गया था। एकजुट हुए पार्षदों ने जब अविश्वास का पत्र दिया, तो मंत्री से लेकर संतरी तक उन्हें मनाने में जुट गए थे। नेताओं ने पार्षदों झूठा आश्वासन दिया, और जब अविश्वास का पत्र वापस ले लिया, तो भाजपा के मंत्री वा जिलाध्यक्ष ने इस मुद्दे पर बात करना ही बंद कर दिया। हर तरफ से छले गए पार्षदों को प्रशासन ने भी धरना देने की बाजार में परमीशन नहीं दी। जिसके चलते अब वो नपा परिसर में धरना दे रहे हैं।

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