“ सोलर प्लांट और 4.5 करोड़ के मोटर-पंप प्रोजेक्ट पर उठे सवाल!” शिवपुरी नगर पालिका में आखिर किसके इशारे पर करोड़ों की योजनाओं का खेल? “पानी ...
“सोलर प्लांट और 4.5 करोड़ के मोटर-पंप प्रोजेक्ट पर उठे सवाल!”
शिवपुरी नगर पालिका में आखिर किसके इशारे पर करोड़ों की योजनाओं का खेल?
“पानी के लिए जनता परेशान, लेकिन फाइलों में करोड़ों के प्रोजेक्ट पास!”
Indiaaajtak.in
Editor-in-Chief : Vinod Vikat
Mob : 09977708976
Date : 29/05/2026
शिवपुरी / मध्यप्रदेश के शिवपुरी नगर पालिका परिषद में करोड़ों रुपये के प्रस्तावों को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सामने आए आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार नगर पालिका परिषद शिवपुरी द्वारा पहले सोलर प्लांट प्रोजेक्ट और फिर 4.5 करोड़ रुपये के नए मोटर-पंप लगाने की स्वीकृति संबंधी प्रस्ताव पारित किए गए। अब इन प्रस्तावों को लेकर शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है।
दस्तावेजों के अनुसार 16 अगस्त 2024 को पारित संकल्प क्रमांक 140 में मड़ीखेड़ा इंटकवेल, सतनवाड़ा फिल्टर प्लांट, वाणगंगा फिल्टर प्लांट तथा घसाई पंपिंग स्टेशन पर भारी बिजली बिल खर्च का हवाला देते हुए सोलर ऊर्जा प्रोजेक्ट लगाने की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। प्रस्ताव में यह भी उल्लेख है कि लाखों रुपये प्रतिमाह बिजली खर्च हो रहा है और इसे कम करने के लिए सोलर प्लांट लगाने की योजना बनाई गई।
इसके बाद 22 नवंबर 2024 को संकल्प क्रमांक 186 में सतनवाड़ा फिल्टर प्लांट पर जल प्रदाय बढ़ाने के नाम पर नए मोटर-पंप लगाने हेतु लगभग 4.5 करोड़ रुपये की लागत राशि को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति देने की बात सामने आई।
अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि —
जब सोलर प्लांट लगाकर बिजली खर्च कम करने की योजना बनाई गई थी, तो उसका वर्तमान स्टेटस क्या है?
क्या सोलर प्रोजेक्ट धरातल पर उतरा या सिर्फ फाइलों तक सीमित रह गया?
4.5 करोड़ रुपये के मोटर-पंप प्रोजेक्ट की आवश्यकता अचानक क्यों पड़ी?
क्या नगर पालिका ने तकनीकी परीक्षण और पारदर्शी निविदा प्रक्रिया पूरी की?
आखिर करोड़ों की योजनाओं के बावजूद शिवपुरी की जनता जल संकट से क्यों जूझ रही है?
सूत्रों के अनुसार नगर पालिका में पानी और विद्युत व्यवस्थाओं को लेकर लंबे समय से भारी खर्च हो रहा है, लेकिन जनता को राहत नहीं मिल पा रही। शहर के कई इलाकों में आज भी पानी की समस्या बनी हुई है। ऐसे में करोड़ों के प्रस्तावों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
शहर में अब यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या इन परियोजनाओं की उच्चस्तरीय जांच होगी? क्या जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा? और सबसे बड़ा सवाल — जनता के टैक्स का पैसा आखिर किस दिशा में खर्च हो रहा है?
इंडिया आज तक का बड़ा सवाल:
“क्या शिवपुरी नगर पालिका में विकास के नाम पर करोड़ों की योजनाएं सिर्फ कागजों में दौड़ रही हैं…?”







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