“ जनता बूंद-बूंद पानी को तरसी, और नपा के हाइड्रेंट पर धुलते रहे रेत के डंपर!” शिवपुरी में जल संकट के बीच हवाई पट्टी के सामने लाखों लीटर पान...
“जनता बूंद-बूंद पानी को तरसी, और नपा के हाइड्रेंट पर धुलते रहे रेत के डंपर!”
शिवपुरी में जल संकट के बीच हवाई पट्टी के सामने लाखों लीटर पानी की बर्बादी पर उठे सवाल
Indiaaajtak.in
Editor-in-Chief : Vinod Vikat
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Date : 29/05/2026
शिवपुरी / शिवपुरी शहर इस समय भीषण जल संकट से जूझ रहा है। नौतपा की प्रचंड गर्मी में लोग पीने के पानी के लिए ट्यूबबेलों और टैंकरों के पीछे लाइन लगाकर खड़े हैं, लेकिन दूसरी तरफ नगरपालिका के हाइड्रेंट से खुलेआम रेत से भरे डंपरों की धुलाई किए जाने का मामला सामने आने से जनता में भारी आक्रोश है।
झांसी रोड स्थित हवाई पट्टी के सामने नगरपालिका के हाइड्रेंट से लगातार रेत के डंपरों की धुलाई होने से लाखों लीटर पानी सड़क पर बहाया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि पानी के लिए परेशान वार्डों के टैंकरों से पहले रेत से भरे डंपरों को प्राथमिकता मिलती दिखाई दे रही है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस स्थान पर यह धुलाई कार्य चल रहा है, वह जमीन बबलू बढ़ई परिवार की बताई जाती है, जिस पर कथित रूप से नपाध्यक्ष का कब्जा है। वहीं इस पूरे मामले में नगरपालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा ने दावा किया कि वह फार्म हाउस उनके परिवार का है और बाहर लगा बोर भी निजी है।
नई बनी थीम रोड भी हुई बदहाल
रेत धुलाई के कारण सड़क पर लगातार पानी बहने और भारी वाहनों की आवाजाही से झांसी तिराहे से हवाई पट्टी तक बनी नई थीम रोड कई स्थानों पर उखड़ गई है। सड़क में गहरे गड्ढे हो गए हैं, जिससे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एक तरफ जनता को पानी की एक-एक बूंद के लिए भटकना पड़ रहा है, दूसरी तरफ नगरपालिका की आंखों के सामने खुलेआम पानी की बर्बादी हो रही है।
नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा ने क्या कहा?
मामले पर जब नपाध्यक्ष गायत्री शर्मा से सवाल किए गए तो उन्होंने कहा कि:
संबंधित फार्म हाउस उनके परिवार का है।
हाइड्रेंट से जुड़ा बोर निजी है।
नपा के टैंकरों को निशुल्क पानी उपलब्ध कराने के लिए हाइड्रेंट बनवाया गया।
सड़क टूटने के लिए भारी रेत, गिट्टी और ईंट के वाहन जिम्मेदार हैं।
इसके अलावा मड़ीखेड़ा जल सप्लाई बंद होने पर उन्होंने सीएमओ पर टेंडर प्रक्रिया में देरी करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि यदि समय पर मोटर बदल दी जाती, तो शहर को पानी संकट का सामना नहीं करना पड़ता।
बड़ा सवाल
जब शिवपुरी की जनता बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान है, तब आखिर नगरपालिका के हाइड्रेंट से रेत के डंपरों की धुलाई किसके संरक्षण में चल रही है?
क्या पानी बचाने की जिम्मेदारी सिर्फ आम जनता की है?
और नई बनी सड़क की बर्बादी का जिम्मेदार कौन है?
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले में जांच कर कार्रवाई करता है या फिर जनता यूं ही प्यास और अव्यवस्था के बीच संघर्ष करती रहेगी।



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