Page Nav

HIDE

Breaking News:

latest

Total Pageviews

शिवपुरी में ‘महाजल संकट’ बना जनआक्रोश!

  शिवपुरी में ‘महाजल संकट’ बना जनआक्रोश! करोड़ों की योजनाएं फेल, जनता बूंद-बूंद पानी को बेहाल — आखिर जिम्मेदार कौन? Indiaaajtak.in Editor-in...

 शिवपुरी में ‘महाजल संकट’ बना जनआक्रोश!

करोड़ों की योजनाएं फेल, जनता बूंद-बूंद पानी को बेहाल — आखिर जिम्मेदार कौन?

Indiaaajtak.in

Editor-in-Chief : Vinod Vikat

Mob : 09977708976

Date : 29/05/2026


शिवपुरी / मध्यप्रदेश का ऐतिहासिक शहर शिवपुरी इस समय भीषण जल संकट की आग में झुलस रहा है। शहर की गलियों से लेकर मुख्य बाजारों तक हाहाकार मचा हुआ है। महिलाएं घंटों लाइन में खड़ी होकर पानी भरने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी “मड़ीखेड़ा परियोजना” जैसी बड़ी योजनाओं का लाभ आम जनता तक नहीं पहुंच पा रहा है।

शहर की जनता अब सीधा सवाल पूछ रही है —

जब करोड़ों रुपये पानी की योजनाओं पर खर्च हुए, तो फिर शिवपुरी प्यासा क्यों है?

“पानी नहीं, तो विकास कैसा?”

भीषण गर्मी में हालात इतने खराब हो चुके हैं कि कई वार्डों में 3-4 दिनों से पानी की सप्लाई बंद बताई जा रही है। दूध की सप्लाई तक प्रभावित हो गई है। सड़कों पर गड्ढे, टूटी पाइपलाइनें और अव्यवस्थित जल प्रबंधन अब प्रशासनिक लापरवाही की कहानी खुद बयां कर रहे हैं।

शहर के लोग बाल्टियां और डिब्बे लेकर पानी के इंतजार में भटक रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि अब भी सिर्फ बैठकों और फोटो सेशन तक सीमित नजर आ रहे हैं।

मुख्यमंत्री मोहन यादव से जनता का सीधा सवाल

प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav से अब शिवपुरी की जनता जवाब मांग रही है।

क्या शिवपुरी जैसे महत्वपूर्ण शहर की प्यास बुझाने के लिए कोई ठोस मास्टर प्लान है?

क्या नगर प्रशासन मंत्री और जिले के जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी?

क्या वर्षों से एक ही विभागों में जमे अधिकारियों पर कार्रवाई होगी?

सांसद और जनप्रतिनिधियों पर भी उठे सवाल

क्षेत्रीय सांसद Jyotiraditya Scindia लगातार दिल्ली दरबार में सक्रिय रहते हैं, लेकिन शिवपुरी की जनता पूछ रही है —

क्या शहर के जल संकट का मुद्दा केंद्र और राज्य स्तर पर गंभीरता से उठाया गया?

क्या केवल घोषणाएं और फोटो पर्याप्त हैं, या जमीन पर भी कोई स्थायी समाधान आएगा?

नगर पालिका और जल विभाग पर गंभीर आरोप

सूत्रों के अनुसार, शहर में जल प्रबंधन पूरी तरह चरमराया हुआ है। पाइपलाइन लीकेज, अनियमित सप्लाई, टैंकर व्यवस्था में अव्यवस्था और विभागीय समन्वय की कमी ने संकट को और भयावह बना दिया है।

जनता का आरोप है कि वर्षों से समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों पर कठोर कार्रवाई नहीं हो रही।

“अब और इंतजार नहीं”

शिवपुरी की जनता अब सिर्फ आश्वासन नहीं, समाधान चाहती है।

लोगों का कहना है कि यदि जल्द स्थायी जल व्यवस्था नहीं हुई तो आने वाले दिनों में बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है।

जनता की मांग:

शहर में नियमित जल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए

जल परियोजनाओं की निष्पक्ष जांच हो

जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय हो

खराब सड़कों और पाइपलाइन व्यवस्था को तत्काल सुधारा जाए

टैंकर और पेयजल वितरण की पारदर्शी व्यवस्था बनाई जाए

इंडिया आज तक का बड़ा सवाल

क्या शिवपुरी की जनता को सिर्फ वादे मिलेंगे या पानी भी मिलेगा?

क्या करोड़ों की योजनाओं का सच कभी सामने आएगा?

और आखिर कब तक प्यासा रहेगा शिवपुरी?

No comments

Contact Form

Name

Email *

Message *

Latest Articles