“शिवपुरी प्यास से तड़प रहा, जनता बूंद-बूंद को बेहाल!” करोड़ों खर्च फिर भी नहीं मिला पानी, अब जनता पूछ रही — आखिर जिम्मेदार कौन? या “नलों म...
“शिवपुरी प्यास से तड़प रहा, जनता बूंद-बूंद को बेहाल!”
करोड़ों खर्च फिर भी नहीं मिला पानी, अब जनता पूछ रही — आखिर जिम्मेदार कौन?
या
“नलों में सूखा, आंखों में गुस्सा — शिवपुरी की जनता पानी के लिए त्राहिमाम!”
भीषण गर्मी में महिलाएं लाइन में, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर उठे बड़े सवाल
या
“जनता प्यास से परेशान, जिम्मेदार मौन!”
शिवपुरी में महाजल संकट से हाहाकार, करोड़ों की योजनाओं पर उठे सवाल
या
“शिवपुरी की जनता का दर्द: पानी नहीं, सिर्फ वादे मिले!”
3-4 दिन से सप्लाई ठप, महिलाएं सड़कों पर, अब जवाब मांगेगा शहर
या
“पानी के लिए तरसता शिवपुरी, सत्ता के दावे हुए फेल!”
जनता बोली — अब भाषण नहीं, समाधान चाहिए

No comments