* ग्वालियर में भृष्ट और चरित्र हीन धाकड़* *दर्जनों आरोप सिद्ध होने के बाद भी जीआरएमसी के डीन धाकड़ जैसे भ्रष्टाचारियों पर मेहरबान मोहन सरक...
*ग्वालियर में भृष्ट और चरित्र हीन धाकड़*
*दर्जनों आरोप सिद्ध होने के बाद भी जीआरएमसी के डीन धाकड़ जैसे भ्रष्टाचारियों पर मेहरबान मोहन सरकार*
*मुकेश शर्मा, संपादक दूरदर्शी भाषा, 9617222262*
ग्वालियर / ईमानदारी की ढोलक पीटते हुए भ्रष्ट अफसरशाही द्वारा दिए जाने वाले चांदी के सिक्कों तथा उन सिक्कों की खनक पर मुजरा करने वाली मध्यप्रदेश शासन की सत्ता भ्रष्टाचारियों पर किस कदर मेहरबान है । इसका ताजा उदाहरण दिलीप यादव के रूप में आता है जिसके इंदौर आयुक्त रहते हुए गटर का दूषित पानी पीने से 20 लोगों की मौत हो गई लेकिन गाज किस पर गिरी सबको पता है । और दिलीप यादव को प्रोमोशन देकर जबलपुर पर्यटन विकास निगम का प्रमुख बना दिया गया और वहां उनके विभाग में एक क्रूज डूबने से करीब 9 लोग बे मौत काल के गाल में समा गए ।
सबसे बड़ी बात तो यह है कि थूककर चाटने वाली मध्यप्रदेश की सत्ता अपने ही जारी किए गए पत्रों, और वादों पर अमल नहीं कर पा रही है । चाहे वो भ्रष्ट अफसरशाही को जमीन में गाड़ने के वादे हों, 20-50 के अंतर्गत नौकरी समीक्षा के आधार पर बर्खास्त करने के आदेश हों, विकास कार्यों में धांधली, गोद लिए गए गांव के विकास, बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य , शिक्षा जैसे मूल मुद्दों पर जैसे कोहरा छाया हो ? सत्ता के हर जुमले में थूककर चाटने वाली या खुद की भ्रष्टा खाने वाली सरकार का बदबूदार चेहरा नजर आने लगा है ।
बहरहाल हम यहां उदाहर के तौर पर ग्वालियर सत्ता की गोद में भ्रष्टाचारियों का रसूख के रूप में दर्जनों आरोप सिद्ध होने के बाद भी जीआरएमसी के डीन धाकड़ जैसे भ्रष्टाचारियों पर मेहरबान मोहन सरकार की सच्ची दास्तां बयां कर रहे हैं ।
मुख्यमंत्री म.प्र शासन, उपमुख्यमंत्री म.प्र शासन, प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ एंव चिकित्सा शिक्षा विभाग म.प्र शासन भोपाल की ओर शिकायती पत्र भेजकर उचित कार्यवाही की मांग करते हुए आवेदक ने उल्लेख किया है कि गजराजा मेडिकल कॉलेज एंव सम्वद्ध चिकित्सालयो में चल रही अनिमित्ताये एंव गड़बड़ियों तथा आये दिन डॉ आर के एस धाकड़ डीन गजराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर द्वारा किए जा रहे विधि का दुररुपयोग एंव उल्लंघन करने तथा स्वयं आपराधिक प्रवृति होने के पश्चात भी पद का दुरुपयोग कर ग्वालियर संभाग के प्रसिद्ध गजराराजा चिकित्सा महाविलालय एंव समूह के अस्पतालो की छवि धूमल किए जाने एंव माननीय उच्च न्यायलय द्वारा पारित आदेश के पालन में डॉ आर के एस धाकड को डीन पद से हटाये जाने की अपील की गई है ।
जारी पत्र में उल्लेख है कि डॉ आर के एस धाकड़ डीन गजराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर के विरुद्ध सन 2018 से लगातार बहुत सी अपराधिक कार्रवाई एंव विभागीय जाँच चल रही है। सर्वप्रथम आयुक्त ग्वालियर संभाग जो कि अस्पताल एवं गजराजा मेडिकल कॉलेज के शाशी निकाय के अध्यक्ष हैं उन्होंने डॉक्टर धाकड़ के विरुद्ध आरोप निर्धारित किये थे जिसकी विभागीय जाँच मे दोषी भी पाये जाने के सारे तथ्य थे । पावर और रसूख के चलते तब तक तात्कालिक आयुक्त महोदय का स्थानातंरण करा दिया गया और आरोपित व्यक्त्ति प्रभावशील होने से जाँच दबा दी गई है। जाँच चालू रहते हुए भी आरोपित व्यक्ति उसी संस्थान का प्रमुख व्यक्त्ति वना दिया दिया है । डॉक्टर डॉ आर के एस धाकड़ डीन गजराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर की मनमानी के कारण माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर द्वारा याचिका क्रमांक 25388/24 में आदेश दिनांक 25 फरवरी 2025 को याचिका को स्वीकार करते हुए, गजराजा मेडिकल कॉलेज के डीन को दोषी मानते हुए मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ आर के धाकड़ पर ₹25000 का हर्जाना लगाया है। क्योकि उपरोक्त गडवडी मेडिकल कॉलेज मे डॉ धाकड के रहते हुए हुई थी, एंव माननीय उच्च न्यायालय द्वारा म.प्र. शासन को याचिका में निर्देश दिये कि उपरोक्त डीन डॉ आर के एस धाकड इस पद डीन पद के उपयुक्त है या नही इसकी जाँच की जावे । लेकिन मामले को दबा दिया गया।
म. प्र. शासन के द्वारा जारी दिशा निर्देशो के अनुसार किसी भी भण्डार एंव खाने की सामग्री के लिये राशि 2,00,000 दो लाख से अधिक होने पर ऑन लाईन निविदा निकाल कर समस्त निविदाकारों को जानकारी के आधार पर कोई टेन्डर दिया जाता है, परन्तु डॉ आर के एस धाकड डीन गजराराजा मेडिकल द्वारा सुपरस्पेशलिटी हास्पीटल की केन्टीन की निविदा जो कि गजराराजा मेडिकल के डीन द्वारा की गई जिसकी राशि *( एक करोड )* से उपर की निविदा को मनमानी कर अपनी मर्जी के डॉक्टरो को सम्मलित कर अपने व्यक्ति को ही केन्टीन देने के उदेश्य से शासन के नियमो की धज्जियाँ उड़ा दी व स्वयं उक्त केन्टीन से आर्थिक लाभ पाने के लिये उपरौकत केन्टीन को अराईज एण्ड एवे फाउन्डेशन नाम की फर्म को साठ गाँठ कर दे दिया है। गजराराजा मेडिकल कॉलेज के डीन आर के एस धाकड द्वारा मेडिकल कॉलेज की वर्षों पुरानी भव्यता को मिटाने के उद्देश्य से अपने आर्थिक फायदे के लिये पेड कटवाकर नई केन्टीन बनाने का ठेका दे दिया है, जिससे मेडिकल कालेज की सुन्दरता समाप्त हो रही है, डीन आर के एस धाकड द्वारा केवल स्वयं तथा मुखिया का आर्थिक लाभ देखा जा रहा है इसलिये महाविधालय एंव उससे संचालित समूह के विकास के लिये डीन को हटाना आवश्यक है । आयुक्त द्वारा उपरोक्त जांच क्रमांक 6/2 /37/18 विभागीय जांच में डॉक्टर डॉ आर के एस धाकड़ डीन गजराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर के विरुद्ध दो आरोप लगाए थे जिसमें आर के एस धाकड़ द्वारा निजी अस्पताल में स्वयं प्रेक्टिस करना बताया दूसरा बिना अनुमति के अस्पताल का संचालन किया जा रहा है जिसकी विधिवत जांच की जा रही थी परंतु आयुक्त का स्नांतरण होने से उक्त जांच अभी भी विचाराधीन है ।
डॉक्टर आर के एस धाकड़ के विरुद्ध दिनांक 19.5.2022 को टीकमगढ़ निवासी भरत रिछारियां द्वारा अपनी पत्नी नीतू पाठक के यौन शोषण होने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया था जिस पर से डॉ धाकड़ की मुख्यमुत्री स्तर पर जाँच चली और विचाराधीन है तथा भरत रिछारिया के आवेदन पर से एवं मध्य प्रदेश शासन के पत्र क्रमांक सीएमएस 8441/2022 दिनांकी 19.5.2022 मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी हुआ जिसमें उप सचिव मुख्यमंत्री द्वारा पत्र जारी किया गया था तत्पश्चात उपरोक्त ख़बर का प्रकाशन विभिन्न समाचार पत्रों में हुआ । प्रशासन से कॉलेज की छवि काफी धूमिल हुई । उसके पूर्व भी डॉ आर के एस धाकड़ डीन गजराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर के कार्यकाल में कोविड 19 के दौरान में कई आक्सीजन सिलेंडर गायब हुए उनकी आज तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई जिसका प्रकाशन भी विभिन्न प्रतिष्ठ समाचार पत्रों से गजराराजा मेडिकल कालेज की छवि बहुत अत्यधिक खराब हुई
नर्सिंग आफिसर पूनम सरनकर द्वारा भी डा० आर के एस धाकड़, डॉ देवेंद्र कुशवाहा की कई बार शिकायतें की एवं उनके द्वारा की जा रही पूनम के साथ अभद्रता एवं शारीरिक शोषण की शिकायत के बाद भी डॉक्टर धाकड़ के दबाव में शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई । गजराराजा मेडिकल कॉलेज द्वारा संचालित जया रोग अस्पताल एवं माधव डिस्पेंसरी दोनों की हालत बहुत ही खराब की जा चुकी है । डॉ. धाकड द्वारा पुन दिनांक 2.11.2025 को एक महिला के साथ कॉलेज में अभद्रता की एंव कलेक्टर ग्वालियर द्वारा कारण वतायो सूचनापत्र श्री जारी किया गया परन्तु डॉ आर के एस धाकड अपनी आदतो से वाज नही आ रहें । डॉ धाकड डीन गजराराजा मेडिकल कॉले ऐसे कृत्यो से म.प्र. शाशन एंव वर्तमान मे सरकार की छवि धूमिल हो रही है परंतु मध्यप्रदेश की सत्ता के सिंहासन पर आसीन मोहन यादव इन भ्रष्टाचारियों पर इतनी मेहरबान क्यों है ? दबाव से या किसी प्रभाव से ये तो वे स्वयं ही बेहतर बता सकते हैं ?
इसके अलावा ग्वालियर में ही डॉ. विशाल यादव, डॉ. दीपक यादव, डॉ अमित यादव, तथाकथित अजय यादव जो मालनपुर में डेंटल कॉलेज संचालित करता है । इनके स्वयं के भव्य आलीशान नर्सिंग होम बने हैं जिनमें न केवल मरीजों की जान से खिलवाड़ होता है बल्कि इनके हॉस्पिटल अनैतिक कार्यों के अड्डे बने होने की चर्चाएं आम हैं । तथा इनको प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का खुला संरक्षण प्राप्त है ।*ग्वालियर में भृष्ट धाकड़*
*दर्जनों आरोप सिद्ध होने के बाद भी जीआरएमसी के डीन धाकड़ जैसे भ्रष्टाचारियों पर मेहरबान मोहन सरकार*
*मुकेश शर्मा*
ईमानदारी की ढोलक पीटते हुए भ्रष्ट अफसरशाही द्वारा दिए जाने वाले चांदी के सिक्कों तथा उन सिक्कों की खनक पर मुजरा करने वाली मध्यप्रदेश शासन की सत्ता भ्रष्टाचारियों पर किस कदर मेहरबान है । इसका ताजा उदाहरण दिलीप यादव के रूप में आता है जिसके इंदौर आयुक्त रहते हुए गटर का दूषित पानी पीने से 20 लोगों की मौत हो गई लेकिन गाज किस पर गिरी सबको पता है । और दिलीप यादव को प्रोमोशन देकर जबलपुर पर्यटन विकास निगम का प्रमुख बना दिया गया और वहां उनके विभाग में एक क्रूज डूबने से करीब 9 लोग बे मौत काल के गाल में समा गए ।
सबसे बड़ी बात तो यह है कि थूककर चाटने वाली मध्यप्रदेश की सत्ता अपने ही जारी किए गए पत्रों, और वादों पर अमल नहीं कर पा रही है । चाहे वो भ्रष्ट अफसरशाही को जमीन में गाड़ने के वादे हों, 20-50 के अंतर्गत नौकरी समीक्षा के आधार पर बर्खास्त करने के आदेश हों, विकास कार्यों में धांधली, गोद लिए गए गांव के विकास, बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य , शिक्षा जैसे मूल मुद्दों पर जैसे कोहरा छाया हो ? सत्ता के हर जुमले में थूककर चाटने वाली या खुद की भ्रष्टा खाने वाली सरकार का बदबूदार चेहरा नजर आने लगा है ।
बहरहाल हम यहां उदाहर के तौर पर ग्वालियर सत्ता की गोद में भ्रष्टाचारियों का रसूख के रूप में दर्जनों आरोप सिद्ध होने के बाद भी जीआरएमसी के डीन धाकड़ जैसे भ्रष्टाचारियों पर मेहरबान मोहन सरकार की सच्ची दास्तां बयां कर रहे हैं ।
मुख्यमंत्री म.प्र शासन, उपमुख्यमंत्री म.प्र शासन, प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ एंव चिकित्सा शिक्षा विभाग म.प्र शासन भोपाल की ओर शिकायती पत्र भेजकर उचित कार्यवाही की मांग करते हुए आवेदक ने उल्लेख किया है कि गजराजा मेडिकल कॉलेज एंव सम्वद्ध चिकित्सालयो में चल रही अनिमित्ताये एंव गड़बड़ियों तथा आये दिन डॉ आर के एस धाकड़ डीन गजराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर द्वारा किए जा रहे विधि का दुररुपयोग एंव उल्लंघन करने तथा स्वयं आपराधिक प्रवृति होने के पश्चात भी पद का दुरुपयोग कर ग्वालियर संभाग के प्रसिद्ध गजराराजा चिकित्सा महाविलालय एंव समूह के अस्पतालो की छवि धूमल किए जाने एंव माननीय उच्च न्यायलय द्वारा पारित आदेश के पालन में डॉ आर के एस धाकड को डीन पद से हटाये जाने की अपील की गई है ।
जारी पत्र में उल्लेख है कि डॉ आर के एस धाकड़ डीन गजराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर के विरुद्ध सन 2018 से लगातार बहुत सी अपराधिक कार्रवाई एंव विभागीय जाँच चल रही है। सर्वप्रथम आयुक्त ग्वालियर संभाग जो कि अस्पताल एवं गजराजा मेडिकल कॉलेज के शाशी निकाय के अध्यक्ष हैं उन्होंने डॉक्टर धाकड़ के विरुद्ध आरोप निर्धारित किये थे जिसकी विभागीय जाँच मे दोषी भी पाये जाने के सारे तथ्य थे । पावर और रसूख के चलते तब तक तात्कालिक आयुक्त महोदय का स्थानातंरण करा दिया गया और आरोपित व्यक्त्ति प्रभावशील होने से जाँच दबा दी गई है। जाँच चालू रहते हुए भी आरोपित व्यक्ति उसी संस्थान का प्रमुख व्यक्त्ति वना दिया दिया है । डॉक्टर डॉ आर के एस धाकड़ डीन गजराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर की मनमानी के कारण माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर द्वारा याचिका क्रमांक 25388/24 में आदेश दिनांक 25 फरवरी 2025 को याचिका को स्वीकार करते हुए, गजराजा मेडिकल कॉलेज के डीन को दोषी मानते हुए मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ आर के धाकड़ पर ₹25000 का हर्जाना लगाया है। क्योकि उपरोक्त गडवडी मेडिकल कॉलेज मे डॉ धाकड के रहते हुए हुई थी, एंव माननीय उच्च न्यायालय द्वारा म.प्र. शासन को याचिका में निर्देश दिये कि उपरोक्त डीन डॉ आर के एस धाकड इस पद डीन पद के उपयुक्त है या नही इसकी जाँच की जावे । लेकिन मामले को दबा दिया गया।
म. प्र. शासन के द्वारा जारी दिशा निर्देशो के अनुसार किसी भी भण्डार एंव खाने की सामग्री के लिये राशि 2,00,000 दो लाख से अधिक होने पर ऑन लाईन निविदा निकाल कर समस्त निविदाकारों को जानकारी के आधार पर कोई टेन्डर दिया जाता है, परन्तु डॉ आर के एस धाकड डीन गजराराजा मेडिकल द्वारा सुपरस्पेशलिटी हास्पीटल की केन्टीन की निविदा जो कि गजराराजा मेडिकल के डीन द्वारा की गई जिसकी राशि *( एक करोड )* से उपर की निविदा को मनमानी कर अपनी मर्जी के डॉक्टरो को सम्मलित कर अपने व्यक्ति को ही केन्टीन देने के उदेश्य से शासन के नियमो की धज्जियाँ उड़ा दी व स्वयं उक्त केन्टीन से आर्थिक लाभ पाने के लिये उपरौकत केन्टीन को अराईज एण्ड एवे फाउन्डेशन नाम की फर्म को साठ गाँठ कर दे दिया है। गजराराजा मेडिकल कॉलेज के डीन आर के एस धाकड द्वारा मेडिकल कॉलेज की वर्षों पुरानी भव्यता को मिटाने के उद्देश्य से अपने आर्थिक फायदे के लिये पेड कटवाकर नई केन्टीन बनाने का ठेका दे दिया है, जिससे मेडिकल कालेज की सुन्दरता समाप्त हो रही है, डीन आर के एस धाकड द्वारा केवल स्वयं तथा मुखिया का आर्थिक लाभ देखा जा रहा है इसलिये महाविधालय एंव उससे संचालित समूह के विकास के लिये डीन को हटाना आवश्यक है । आयुक्त द्वारा उपरोक्त जांच क्रमांक 6/2 /37/18 विभागीय जांच में डॉक्टर डॉ आर के एस धाकड़ डीन गजराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर के विरुद्ध दो आरोप लगाए थे जिसमें आर के एस धाकड़ द्वारा निजी अस्पताल में स्वयं प्रेक्टिस करना बताया दूसरा बिना अनुमति के अस्पताल का संचालन किया जा रहा है जिसकी विधिवत जांच की जा रही थी परंतु आयुक्त का स्नांतरण होने से उक्त जांच अभी भी विचाराधीन है ।
डॉक्टर आर के एस धाकड़ के विरुद्ध दिनांक 19.5.2022 को टीकमगढ़ निवासी भरत रिछारियां द्वारा अपनी पत्नी नीतू पाठक के यौन शोषण होने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया था जिस पर से डॉ धाकड़ की मुख्यमुत्री स्तर पर जाँच चली और विचाराधीन है तथा भरत रिछारिया के आवेदन पर से एवं मध्य प्रदेश शासन के पत्र क्रमांक सीएमएस 8441/2022 दिनांकी 19.5.2022 मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी हुआ जिसमें उप सचिव मुख्यमंत्री द्वारा पत्र जारी किया गया था तत्पश्चात उपरोक्त ख़बर का प्रकाशन विभिन्न समाचार पत्रों में हुआ । प्रशासन से कॉलेज की छवि काफी धूमिल हुई । उसके पूर्व भी डॉ आर के एस धाकड़ डीन गजराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर के कार्यकाल में कोविड 19 के दौरान में कई आक्सीजन सिलेंडर गायब हुए उनकी आज तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई जिसका प्रकाशन भी विभिन्न प्रतिष्ठ समाचार पत्रों से गजराराजा मेडिकल कालेज की छवि बहुत अत्यधिक खराब हुई
नर्सिंग आफिसर पूनम सरनकर द्वारा भी डा० आर के एस धाकड़, डॉ देवेंद्र कुशवाहा की कई बार शिकायतें की एवं उनके द्वारा की जा रही पूनम के साथ अभद्रता एवं शारीरिक शोषण की शिकायत के बाद भी डॉक्टर धाकड़ के दबाव में शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई । गजराराजा मेडिकल कॉलेज द्वारा संचालित जया रोग अस्पताल एवं माधव डिस्पेंसरी दोनों की हालत बहुत ही खराब की जा चुकी है । डॉ. धाकड द्वारा पुन दिनांक 2.11.2025 को एक महिला के साथ कॉलेज में अभद्रता की एंव कलेक्टर ग्वालियर द्वारा कारण वतायो सूचनापत्र श्री जारी किया गया परन्तु डॉ आर के एस धाकड अपनी आदतो से वाज नही आ रहें । डॉ धाकड डीन गजराराजा मेडिकल कॉले ऐसे कृत्यो से म.प्र. शाशन एंव वर्तमान मे सरकार की छवि धूमिल हो रही है परंतु मध्यप्रदेश की सत्ता के सिंहासन पर आसीन मोहन यादव इन भ्रष्टाचारियों पर इतनी मेहरबान क्यों है ? दबाव से या किसी प्रभाव से ये तो वे स्वयं ही बेहतर बता सकते हैं ?
इसके अलावा ग्वालियर में ही डॉ. विशाल यादव, डॉ. दीपक यादव, डॉ अमित यादव, तथाकथित अजय यादव जो मालनपुर में डेंटल कॉलेज संचालित करता है । इनके स्वयं के भव्य आलीशान नर्सिंग होम बने हैं जिनमें न केवल मरीजों की जान से खिलवाड़ होता है बल्कि इनके हॉस्पिटल अनैतिक कार्यों के अड्डे बने होने की चर्चाएं आम हैं । तथा इनको प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का खुला संरक्षण प्राप्त है ।*ग्वालियर में भृष्ट धाकड़*
*दर्जनों आरोप सिद्ध होने के बाद भी जीआरएमसी के डीन धाकड़ जैसे भ्रष्टाचारियों पर मेहरबान मोहन सरकार*
*मुकेश शर्मा*
ईमानदारी की ढोलक पीटते हुए भ्रष्ट अफसरशाही द्वारा दिए जाने वाले चांदी के सिक्कों तथा उन सिक्कों की खनक पर मुजरा करने वाली मध्यप्रदेश शासन की सत्ता भ्रष्टाचारियों पर किस कदर मेहरबान है । इसका ताजा उदाहरण दिलीप यादव के रूप में आता है जिसके इंदौर आयुक्त रहते हुए गटर का दूषित पानी पीने से 20 लोगों की मौत हो गई लेकिन गाज किस पर गिरी सबको पता है । और दिलीप यादव को प्रोमोशन देकर जबलपुर पर्यटन विकास निगम का प्रमुख बना दिया गया और वहां उनके विभाग में एक क्रूज डूबने से करीब 9 लोग बे मौत काल के गाल में समा गए ।
सबसे बड़ी बात तो यह है कि थूककर चाटने वाली मध्यप्रदेश की सत्ता अपने ही जारी किए गए पत्रों, और वादों पर अमल नहीं कर पा रही है । चाहे वो भ्रष्ट अफसरशाही को जमीन में गाड़ने के वादे हों, 20-50 के अंतर्गत नौकरी समीक्षा के आधार पर बर्खास्त करने के आदेश हों, विकास कार्यों में धांधली, गोद लिए गए गांव के विकास, बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य , शिक्षा जैसे मूल मुद्दों पर जैसे कोहरा छाया हो ? सत्ता के हर जुमले में थूककर चाटने वाली या खुद की भ्रष्टा खाने वाली सरकार का बदबूदार चेहरा नजर आने लगा है ।
बहरहाल हम यहां उदाहर के तौर पर ग्वालियर सत्ता की गोद में भ्रष्टाचारियों का रसूख के रूप में दर्जनों आरोप सिद्ध होने के बाद भी जीआरएमसी के डीन धाकड़ जैसे भ्रष्टाचारियों पर मेहरबान मोहन सरकार की सच्ची दास्तां बयां कर रहे हैं ।
मुख्यमंत्री म.प्र शासन, उपमुख्यमंत्री म.प्र शासन, प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ एंव चिकित्सा शिक्षा विभाग म.प्र शासन भोपाल की ओर शिकायती पत्र भेजकर उचित कार्यवाही की मांग करते हुए आवेदक ने उल्लेख किया है कि गजराजा मेडिकल कॉलेज एंव सम्वद्ध चिकित्सालयो में चल रही अनिमित्ताये एंव गड़बड़ियों तथा आये दिन डॉ आर के एस धाकड़ डीन गजराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर द्वारा किए जा रहे विधि का दुररुपयोग एंव उल्लंघन करने तथा स्वयं आपराधिक प्रवृति होने के पश्चात भी पद का दुरुपयोग कर ग्वालियर संभाग के प्रसिद्ध गजराराजा चिकित्सा महाविलालय एंव समूह के अस्पतालो की छवि धूमल किए जाने एंव माननीय उच्च न्यायलय द्वारा पारित आदेश के पालन में डॉ आर के एस धाकड को डीन पद से हटाये जाने की अपील की गई है ।
जारी पत्र में उल्लेख है कि डॉ आर के एस धाकड़ डीन गजराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर के विरुद्ध सन 2018 से लगातार बहुत सी अपराधिक कार्रवाई एंव विभागीय जाँच चल रही है। सर्वप्रथम आयुक्त ग्वालियर संभाग जो कि अस्पताल एवं गजराजा मेडिकल कॉलेज के शाशी निकाय के अध्यक्ष हैं उन्होंने डॉक्टर धाकड़ के विरुद्ध आरोप निर्धारित किये थे जिसकी विभागीय जाँच मे दोषी भी पाये जाने के सारे तथ्य थे । पावर और रसूख के चलते तब तक तात्कालिक आयुक्त महोदय का स्थानातंरण करा दिया गया और आरोपित व्यक्त्ति प्रभावशील होने से जाँच दबा दी गई है। जाँच चालू रहते हुए भी आरोपित व्यक्ति उसी संस्थान का प्रमुख व्यक्त्ति वना दिया दिया है । डॉक्टर डॉ आर के एस धाकड़ डीन गजराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर की मनमानी के कारण माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर द्वारा याचिका क्रमांक 25388/24 में आदेश दिनांक 25 फरवरी 2025 को याचिका को स्वीकार करते हुए, गजराजा मेडिकल कॉलेज के डीन को दोषी मानते हुए मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ आर के धाकड़ पर ₹25000 का हर्जाना लगाया है। क्योकि उपरोक्त गडवडी मेडिकल कॉलेज मे डॉ धाकड के रहते हुए हुई थी, एंव माननीय उच्च न्यायालय द्वारा म.प्र. शासन को याचिका में निर्देश दिये कि उपरोक्त डीन डॉ आर के एस धाकड इस पद डीन पद के उपयुक्त है या नही इसकी जाँच की जावे । लेकिन मामले को दबा दिया गया।
म. प्र. शासन के द्वारा जारी दिशा निर्देशो के अनुसार किसी भी भण्डार एंव खाने की सामग्री के लिये राशि 2,00,000 दो लाख से अधिक होने पर ऑन लाईन निविदा निकाल कर समस्त निविदाकारों को जानकारी के आधार पर कोई टेन्डर दिया जाता है, परन्तु डॉ आर के एस धाकड डीन गजराराजा मेडिकल द्वारा सुपरस्पेशलिटी हास्पीटल की केन्टीन की निविदा जो कि गजराराजा मेडिकल के डीन द्वारा की गई जिसकी राशि *( एक करोड )* से उपर की निविदा को मनमानी कर अपनी मर्जी के डॉक्टरो को सम्मलित कर अपने व्यक्ति को ही केन्टीन देने के उदेश्य से शासन के नियमो की धज्जियाँ उड़ा दी व स्वयं उक्त केन्टीन से आर्थिक लाभ पाने के लिये उपरौकत केन्टीन को अराईज एण्ड एवे फाउन्डेशन नाम की फर्म को साठ गाँठ कर दे दिया है। गजराराजा मेडिकल कॉलेज के डीन आर के एस धाकड द्वारा मेडिकल कॉलेज की वर्षों पुरानी भव्यता को मिटाने के उद्देश्य से अपने आर्थिक फायदे के लिये पेड कटवाकर नई केन्टीन बनाने का ठेका दे दिया है, जिससे मेडिकल कालेज की सुन्दरता समाप्त हो रही है, डीन आर के एस धाकड द्वारा केवल स्वयं तथा मुखिया का आर्थिक लाभ देखा जा रहा है इसलिये महाविधालय एंव उससे संचालित समूह के विकास के लिये डीन को हटाना आवश्यक है । आयुक्त द्वारा उपरोक्त जांच क्रमांक 6/2 /37/18 विभागीय जांच में डॉक्टर डॉ आर के एस धाकड़ डीन गजराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर के विरुद्ध दो आरोप लगाए थे जिसमें आर के एस धाकड़ द्वारा निजी अस्पताल में स्वयं प्रेक्टिस करना बताया दूसरा बिना अनुमति के अस्पताल का संचालन किया जा रहा है जिसकी विधिवत जांच की जा रही थी परंतु आयुक्त का स्नांतरण होने से उक्त जांच अभी भी विचाराधीन है ।
डॉक्टर आर के एस धाकड़ के विरुद्ध दिनांक 19.5.2022 को टीकमगढ़ निवासी भरत रिछारियां द्वारा अपनी पत्नी नीतू पाठक के यौन शोषण होने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया था जिस पर से डॉ धाकड़ की मुख्यमुत्री स्तर पर जाँच चली और विचाराधीन है तथा भरत रिछारिया के आवेदन पर से एवं मध्य प्रदेश शासन के पत्र क्रमांक सीएमएस 8441/2022 दिनांकी 19.5.2022 मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी हुआ जिसमें उप सचिव मुख्यमंत्री द्वारा पत्र जारी किया गया था तत्पश्चात उपरोक्त ख़बर का प्रकाशन विभिन्न समाचार पत्रों में हुआ । प्रशासन से कॉलेज की छवि काफी धूमिल हुई । उसके पूर्व भी डॉ आर के एस धाकड़ डीन गजराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर के कार्यकाल में कोविड 19 के दौरान में कई आक्सीजन सिलेंडर गायब हुए उनकी आज तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई जिसका प्रकाशन भी विभिन्न प्रतिष्ठ समाचार पत्रों से गजराराजा मेडिकल कालेज की छवि बहुत अत्यधिक खराब हुई
नर्सिंग आफिसर पूनम सरनकर द्वारा भी डा० आर के एस धाकड़, डॉ देवेंद्र कुशवाहा की कई बार शिकायतें की एवं उनके द्वारा की जा रही पूनम के साथ अभद्रता एवं शारीरिक शोषण की शिकायत के बाद भी डॉक्टर धाकड़ के दबाव में शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई । गजराराजा मेडिकल कॉलेज द्वारा संचालित जया रोग अस्पताल एवं माधव डिस्पेंसरी दोनों की हालत बहुत ही खराब की जा चुकी है । डॉ. धाकड द्वारा पुन दिनांक 2.11.2025 को एक महिला के साथ कॉलेज में अभद्रता की एंव कलेक्टर ग्वालियर द्वारा कारण वतायो सूचनापत्र श्री जारी किया गया परन्तु डॉ आर के एस धाकड अपनी आदतो से वाज नही आ रहें । डॉ धाकड डीन गजराराजा मेडिकल कॉले ऐसे कृत्यो से म.प्र. शाशन एंव वर्तमान मे सरकार की छवि धूमिल हो रही है परंतु मध्यप्रदेश की सत्ता के सिंहासन पर आसीन मोहन यादव इन भ्रष्टाचारियों पर इतनी मेहरबान क्यों है ? दबाव से या किसी प्रभाव से ये तो वे स्वयं ही बेहतर बता सकते हैं ?
इसके अलावा ग्वालियर में ही डॉ. विशाल यादव, डॉ. दीपक यादव, डॉ अमित यादव, तथाकथित अजय यादव जो मालनपुर में डेंटल कॉलेज संचालित करता है । इनके स्वयं के भव्य आलीशान नर्सिंग होम बने हैं जिनमें न केवल मरीजों की जान से खिलवाड़ होता है बल्कि इनके हॉस्पिटल अनैतिक कार्यों के अड्डे बने होने की चर्चाएं आम हैं । तथा इनको प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का खुला संरक्षण प्राप्त है ।*ग्वालियर में भृष्ट धाकड़*
*दर्जनों आरोप सिद्ध होने के बाद भी जीआरएमसी के डीन धाकड़ जैसे भ्रष्टाचारियों पर मेहरबान मोहन सरकार*
*मुकेश शर्मा*
ईमानदारी की ढोलक पीटते हुए भ्रष्ट अफसरशाही द्वारा दिए जाने वाले चांदी के सिक्कों तथा उन सिक्कों की खनक पर मुजरा करने वाली मध्यप्रदेश शासन की सत्ता भ्रष्टाचारियों पर किस कदर मेहरबान है । इसका ताजा उदाहरण दिलीप यादव के रूप में आता है जिसके इंदौर आयुक्त रहते हुए गटर का दूषित पानी पीने से 20 लोगों की मौत हो गई लेकिन गाज किस पर गिरी सबको पता है । और दिलीप यादव को प्रोमोशन देकर जबलपुर पर्यटन विकास निगम का प्रमुख बना दिया गया और वहां उनके विभाग में एक क्रूज डूबने से करीब 9 लोग बे मौत काल के गाल में समा गए ।
सबसे बड़ी बात तो यह है कि थूककर चाटने वाली मध्यप्रदेश की सत्ता अपने ही जारी किए गए पत्रों, और वादों पर अमल नहीं कर पा रही है । चाहे वो भ्रष्ट अफसरशाही को जमीन में गाड़ने के वादे हों, 20-50 के अंतर्गत नौकरी समीक्षा के आधार पर बर्खास्त करने के आदेश हों, विकास कार्यों में धांधली, गोद लिए गए गांव के विकास, बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य , शिक्षा जैसे मूल मुद्दों पर जैसे कोहरा छाया हो ? सत्ता के हर जुमले में थूककर चाटने वाली या खुद की भ्रष्टा खाने वाली सरकार का बदबूदार चेहरा नजर आने लगा है ।
बहरहाल हम यहां उदाहर के तौर पर ग्वालियर सत्ता की गोद में भ्रष्टाचारियों का रसूख के रूप में दर्जनों आरोप सिद्ध होने के बाद भी जीआरएमसी के डीन धाकड़ जैसे भ्रष्टाचारियों पर मेहरबान मोहन सरकार की सच्ची दास्तां बयां कर रहे हैं ।
मुख्यमंत्री म.प्र शासन, उपमुख्यमंत्री म.प्र शासन, प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ एंव चिकित्सा शिक्षा विभाग म.प्र शासन भोपाल की ओर शिकायती पत्र भेजकर उचित कार्यवाही की मांग करते हुए आवेदक ने उल्लेख किया है कि गजराजा मेडिकल कॉलेज एंव सम्वद्ध चिकित्सालयो में चल रही अनिमित्ताये एंव गड़बड़ियों तथा आये दिन डॉ आर के एस धाकड़ डीन गजराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर द्वारा किए जा रहे विधि का दुररुपयोग एंव उल्लंघन करने तथा स्वयं आपराधिक प्रवृति होने के पश्चात भी पद का दुरुपयोग कर ग्वालियर संभाग के प्रसिद्ध गजराराजा चिकित्सा महाविलालय एंव समूह के अस्पतालो की छवि धूमल किए जाने एंव माननीय उच्च न्यायलय द्वारा पारित आदेश के पालन में डॉ आर के एस धाकड को डीन पद से हटाये जाने की अपील की गई है ।
जारी पत्र में उल्लेख है कि डॉ आर के एस धाकड़ डीन गजराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर के विरुद्ध सन 2018 से लगातार बहुत सी अपराधिक कार्रवाई एंव विभागीय जाँच चल रही है। सर्वप्रथम आयुक्त ग्वालियर संभाग जो कि अस्पताल एवं गजराजा मेडिकल कॉलेज के शाशी निकाय के अध्यक्ष हैं उन्होंने डॉक्टर धाकड़ के विरुद्ध आरोप निर्धारित किये थे जिसकी विभागीय जाँच मे दोषी भी पाये जाने के सारे तथ्य थे । पावर और रसूख के चलते तब तक तात्कालिक आयुक्त महोदय का स्थानातंरण करा दिया गया और आरोपित व्यक्त्ति प्रभावशील होने से जाँच दबा दी गई है। जाँच चालू रहते हुए भी आरोपित व्यक्ति उसी संस्थान का प्रमुख व्यक्त्ति वना दिया दिया है । डॉक्टर डॉ आर के एस धाकड़ डीन गजराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर की मनमानी के कारण माननीय उच्च न्यायालय खण्डपीठ ग्वालियर द्वारा याचिका क्रमांक 25388/24 में आदेश दिनांक 25 फरवरी 2025 को याचिका को स्वीकार करते हुए, गजराजा मेडिकल कॉलेज के डीन को दोषी मानते हुए मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ आर के धाकड़ पर ₹25000 का हर्जाना लगाया है। क्योकि उपरोक्त गडवडी मेडिकल कॉलेज मे डॉ धाकड के रहते हुए हुई थी, एंव माननीय उच्च न्यायालय द्वारा म.प्र. शासन को याचिका में निर्देश दिये कि उपरोक्त डीन डॉ आर के एस धाकड इस पद डीन पद के उपयुक्त है या नही इसकी जाँच की जावे । लेकिन मामले को दबा दिया गया।
म. प्र. शासन के द्वारा जारी दिशा निर्देशो के अनुसार किसी भी भण्डार एंव खाने की सामग्री के लिये राशि 2,00,000 दो लाख से अधिक होने पर ऑन लाईन निविदा निकाल कर समस्त निविदाकारों को जानकारी के आधार पर कोई टेन्डर दिया जाता है, परन्तु डॉ आर के एस धाकड डीन गजराराजा मेडिकल द्वारा सुपरस्पेशलिटी हास्पीटल की केन्टीन की निविदा जो कि गजराराजा मेडिकल के डीन द्वारा की गई जिसकी राशि *( एक करोड )* से उपर की निविदा को मनमानी कर अपनी मर्जी के डॉक्टरो को सम्मलित कर अपने व्यक्ति को ही केन्टीन देने के उदेश्य से शासन के नियमो की धज्जियाँ उड़ा दी व स्वयं उक्त केन्टीन से आर्थिक लाभ पाने के लिये उपरौकत केन्टीन को अराईज एण्ड एवे फाउन्डेशन नाम की फर्म को साठ गाँठ कर दे दिया है। गजराराजा मेडिकल कॉलेज के डीन आर के एस धाकड द्वारा मेडिकल कॉलेज की वर्षों पुरानी भव्यता को मिटाने के उद्देश्य से अपने आर्थिक फायदे के लिये पेड कटवाकर नई केन्टीन बनाने का ठेका दे दिया है, जिससे मेडिकल कालेज की सुन्दरता समाप्त हो रही है, डीन आर के एस धाकड द्वारा केवल स्वयं तथा मुखिया का आर्थिक लाभ देखा जा रहा है इसलिये महाविधालय एंव उससे संचालित समूह के विकास के लिये डीन को हटाना आवश्यक है । आयुक्त द्वारा उपरोक्त जांच क्रमांक 6/2 /37/18 विभागीय जांच में डॉक्टर डॉ आर के एस धाकड़ डीन गजराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर के विरुद्ध दो आरोप लगाए थे जिसमें आर के एस धाकड़ द्वारा निजी अस्पताल में स्वयं प्रेक्टिस करना बताया दूसरा बिना अनुमति के अस्पताल का संचालन किया जा रहा है जिसकी विधिवत जांच की जा रही थी परंतु आयुक्त का स्नांतरण होने से उक्त जांच अभी भी विचाराधीन है ।
डॉक्टर आर के एस धाकड़ के विरुद्ध दिनांक 19.5.2022 को टीकमगढ़ निवासी भरत रिछारियां द्वारा अपनी पत्नी नीतू पाठक के यौन शोषण होने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किया था जिस पर से डॉ धाकड़ की मुख्यमुत्री स्तर पर जाँच चली और विचाराधीन है तथा भरत रिछारिया के आवेदन पर से एवं मध्य प्रदेश शासन के पत्र क्रमांक सीएमएस 8441/2022 दिनांकी 19.5.2022 मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी हुआ जिसमें उप सचिव मुख्यमंत्री द्वारा पत्र जारी किया गया था तत्पश्चात उपरोक्त ख़बर का प्रकाशन विभिन्न समाचार पत्रों में हुआ । प्रशासन से कॉलेज की छवि काफी धूमिल हुई । उसके पूर्व भी डॉ आर के एस धाकड़ डीन गजराजा मेडिकल कॉलेज ग्वालियर के कार्यकाल में कोविड 19 के दौरान में कई आक्सीजन सिलेंडर गायब हुए उनकी आज तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई जिसका प्रकाशन भी विभिन्न प्रतिष्ठ समाचार पत्रों से गजराराजा मेडिकल कालेज की छवि बहुत अत्यधिक खराब हुई
नर्सिंग आफिसर पूनम सरनकर द्वारा भी डा० आर के एस धाकड़, डॉ देवेंद्र कुशवाहा की कई बार शिकायतें की एवं उनके द्वारा की जा रही पूनम के साथ अभद्रता एवं शारीरिक शोषण की शिकायत के बाद भी डॉक्टर धाकड़ के दबाव में शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई । गजराराजा मेडिकल कॉलेज द्वारा संचालित जया रोग अस्पताल एवं माधव डिस्पेंसरी दोनों की हालत बहुत ही खराब की जा चुकी है । डॉ. धाकड द्वारा पुन दिनांक 2.11.2025 को एक महिला के साथ कॉलेज में अभद्रता की एंव कलेक्टर ग्वालियर द्वारा कारण वतायो सूचनापत्र श्री जारी किया गया परन्तु डॉ आर के एस धाकड अपनी आदतो से वाज नही आ रहें । डॉ धाकड डीन गजराराजा मेडिकल कॉले ऐसे कृत्यो से म.प्र. शाशन एंव वर्तमान मे सरकार की छवि धूमिल हो रही है परंतु मध्यप्रदेश की सत्ता के सिंहासन पर आसीन मोहन यादव इन भ्रष्टाचारियों पर इतनी मेहरबान क्यों है ? दबाव से या किसी प्रभाव से ये तो वे स्वयं ही बेहतर बता सकते हैं ?
इसके अलावा ग्वालियर में ही डॉ. विशाल यादव, डॉ. दीपक यादव, तथाकथित अजय यादव जो मालनपुर में डेंटल कॉलेज संचालित करता है । इनके स्वयं के भव्य आलीशान नर्सिंग होम बने हैं जिनमें न केवल मरीजों की जान से खिलवाड़ होता है बल्कि इनके हॉस्पिटल अनैतिक कार्यों के अड्डे बने होने की चर्चाएं आम हैं । तथा इनको प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का खुला संरक्षण प्राप्त है?

No comments