Page Nav

HIDE

Breaking News:

latest

Total Pageviews

शिवपुरी के बेचिराग ग्राम रायपुर के आसपास में लावारिस मिली खैर की लकड़ी, जब्ती में लेने के बाद भी अनजान बना वन महकमा

  शिवपुरी के बेचिराग ग्राम रायपुर के आसपास में लावारिस मिली खैर की लकड़ी, जब्ती में लेने के बाद भी अनजान बना वन महकमा फॉरेस्ट में वांटेड अनू...

 शिवपुरी के बेचिराग ग्राम रायपुर के आसपास में लावारिस मिली खैर की लकड़ी, जब्ती में लेने के बाद भी अनजान बना वन महकमा

फॉरेस्ट में वांटेड अनूप की लोकेशन भी उसी एरिया में मिली, पार्टी भी जुटीं तलाश में, सिंध नदी में रास्ता बनाकर निकाली लकड़ी-पत्थर


शिवपुरी। दतिया में खेर की लकड़ी के साथ पकड़े जाने के दौरान फायरिंग करके फरार हुए फॉरेस्ट में वांटेड अनूप यादव की लोकेशन 2 दिन से शिवपुरी जिले के ऐरावन धमकन एरिया में मिल रही है। इतना ही नहीं, फॉरेस्ट ने खेर की लकड़ी भी जब्त की है, यह बात एसडीओ फॉरेस्ट ने स्वीकार करते हुए क्षेत्र में सर्चिंग की बात कही है। महत्वपूर्ण बात यह है कि नेशनल पार्क के कोर एरिया में स्थित बेचिराग रायपुर ग्राम के पास पहाड़ी से खैर की कटाई एवं पत्थर उत्खनन करके सिंध में से रास्ता बनाकर यह माल ढोया जा रहा है। 

ऐसे समझें पूरा मामला: 

मड़ीखेड़ा पावर हाउस से निकलने वाला सिंध का पानी एरावन गांव के पास से होकर निकलता है, जिसकी चौड़ाई लगभग 20 मीटर है। ऐरावन से रायपुर जाने के बीच में सिंध नदी पड़ती है, जिसमें से खनन माफिया अमन पवैया एवं संडा उर्फ वीरेंद्र ने मिलकर नदी में से रास्ता बना दिया है। जिस वजह से बेचिराग ग्राम रायपुर की पहाड़ी पर काटी गई खैर की लकड़ी एवं पत्थर का उत्खनन कर उसके ट्रकों को नदी के रास्ते से होकर निकाला जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि लगभग तीन ट्रक खैर की लकड़ी को काटने के बाद उन्हें ढोने का काम चल रहा था। इसी बीच अनूप की लोकेशन मिलने की वजह से सक्रिय हुई फॉरेस्ट की टीम की वजह से लगभग एक ट्रक खैर की लकड़ी मौके पर छोड़कर खाली ट्रक लेकर भाग गए। 

फॉरेस्ट ऐसे करता रहा परदेदारी: 

जिस जगह पर खैर की लकड़ी की कटाई एवं पत्थर निकाला जा रहा है, वो सतनबाड़ा रेंज में आता है। शुक्रवार की शाम को जब वन चौकी पहुंचकर प्रभारी रेंजर श्रुति राठौर से खैर की लकड़ी की जब्ती के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि हमारी जानकारी में नहीं है। साथ ही उन्होंने यह स्वीकार किया कि अनूप की लोकेशन की जानकारी हमें भी मिली है, तो हमारी टीम पता कर रही हैं।

डिप्टी रेंजर का मोबाइल चालू-बंद होता रहा: 

जंगल में छोड़ी गई खैर की लकड़ी को जब्त करने वाले डिप्टी रेंजर सुनील सेन को जब मोबाइल लगाया तो पहले वो बिजी तथा उसके बाद स्विच ऑफ हो गया। कुछ देर बाद फोन फिर चालू होकर बिजी मिला, जो बाद में फिर स्विच ऑफ हो गया। 

एसडीओ ने स्वीकारा: खैर की लकड़ी जब्त की: 

इस संबंध में जब सीएफ आदर्श श्रीवास्तव से बात की तो उन्होंने पूरे मामले से अनभिज्ञता जताते हुए अधीनस्थों से पता करने की बात कही। कुछ देर बाद एसडीओ फॉरेस्ट आदित्य शांडिल्य का फोन आया, तथा उन्होंने जानकारी लेने के बाद सुनील सेन एवं प्रभारी रेंजर श्रुति राठौर से बात की। तत्पश्चात एसडीओ शांडिल्य ने स्वीकार किया कि खैर की लकड़ी जब्त की है, तथा हमारी टीम उसी क्षेत्र में सर्चिंग कर रही है। 

1 लाख रुपए क्विंटल खैर की लकड़ी:

खैर की लकड़ी की डिमांड काफी अधिक है। शिवपुरी के धमकन- एरावन में, खरई तेंदुआ, मुरैना के पहाड़गंज, बम्हारी के डोंगरी आदि एरिया से खैर की लकड़ी की तस्करी होती है, जिसे खरीदने वाला एक ही माफिया अनूप है। सूत्र बताते हैं कि अनूप इसे हरियाणा में सप्लाई करता है। खैर की लकड़ी को टुकड़ों में काटकर छोटी गाड़ियों से ढोया जाता है, ताकि किसी की नजर में न आए। इसकी बाजार डिमांड होने के साथ ही दाम भी 1 लाख रुपए क्विंटल बताई जाती है।

No comments

Contact Form

Name

Email *

Message *

Latest Articles