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अनंतपुर विवाद: मूर्ति स्थापना को लेकर बढ़ा तनाव, प्रशासन से निष्पक्ष जांच और स्थायी समाधान की मांग

  Indiaaajtak.in Editor-in-Chief : Vinod Vikat मो.: 9977708976 दिनांक : 15/06/2026 अनंतपुर विवाद: मूर्ति स्थापना को लेकर बढ़ा तनाव, प्रशासन ...

 Indiaaajtak.in

Editor-in-Chief : Vinod Vikat

मो.: 9977708976

दिनांक : 15/06/2026

अनंतपुर विवाद: मूर्ति स्थापना को लेकर बढ़ा तनाव, प्रशासन से निष्पक्ष जांच और स्थायी समाधान की मांग







शिवपुरी। जिले की कोलारस विधानसभा क्षेत्र के ग्राम अनंतपुर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना को लेकर उपजा विवाद अब प्रशासन के लिए सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की चुनौती बनता जा रहा है। आगामी 17 जून को प्रस्तावित आंदोलन और महा रैली को देखते हुए स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी और भी बढ़ गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम अनंतपुर में एक ब्राह्मण परिवार पिछले लगभग 50 वर्षों से निवासरत है। परिवार के मुखिया कल्लूराम पंडित द्वारा एक स्थान पर लंबे समय से कृषि उपयोग एवं अन्य कार्य किए जाने का दावा किया जा रहा है। बताया गया है कि उक्त भूमि को लेकर तहसील कार्यालय में धारा 371 के तहत बंद भी भरा जाता रहा है।

इसी बीच, गत 25 मई की रात कुछ लोगों द्वारा संबंधित स्थल पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी गई। सुबह जानकारी मिलने पर भूमि पर अपना अधिकार जताने वाले पक्ष ने इस पर आपत्ति दर्ज कराई। सूचना मिलते ही कोलारस एसडीएम अनूप श्रीवास्तव, तहसीलदार भार्गव, थाना प्रभारी गब्बर सिंह गुर्जर सहित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।

घटनाक्रम के दौरान जाटव समाज के लोगों ने अपने समाज के प्रतिनिधियों एवं भीम आर्मी से जुड़े कुछ पदाधिकारियों को भी मौके पर बुला लिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। वहीं, दूसरे पक्ष का कहना है कि प्रतिमा को विवादित स्थान से हटाकर सुरक्षित स्थान पर रखा गया था। दूसरी ओर, जाटव समाज के कुछ लोगों द्वारा धक्का-मुक्की एवं जातिसूचक शब्दों के प्रयोग के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है और मामला जांच के दायरे में माना जा रहा है।

गांव के कई ग्रामीणों ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपने-अपने पक्ष रखे हैं। बताया जा रहा है कि गांव में लगभग 200 परिवार निवास करते हैं और लंबे समय से सभी समुदायों के बीच आपसी सौहार्द बना हुआ था। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कई दशकों में इस प्रकार का कोई बड़ा सामाजिक विवाद सामने नहीं आया।

इधर, आगामी 17 जून को आजाद समाज पार्टी द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर के सम्मान में आंदोलन एवं महा रैली आयोजित किए जाने की घोषणा की गई है। इसे देखते हुए प्रशासन शांति व्यवस्था बनाए रखने की तैयारियों में जुटा हुआ है।

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थलों एवं भूमि पर बिना प्रशासनिक अनुमति प्रतिमा स्थापना के मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। जिले में पूर्व में भी ऐसे मामले सामने आते रहे हैं, जिनमें प्रतिमा स्थापना के बाद विवाद की स्थिति निर्मित हुई। सामाजिक संगठनों एवं जागरूक नागरिकों का मानना है कि किसी भी महापुरुष की प्रतिमा स्थापित करने से पूर्व प्रशासनिक अनुमति, सर्वसम्मति और वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर सत्य तथ्यों को सार्वजनिक करने तथा दोषी पाए जाने वाले पक्ष के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। साथ ही यह भी अपेक्षा जताई है कि सामाजिक समरसता को बनाए रखने के लिए सभी समुदाय संयम और जिम्मेदारी का परिचय दें।

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