“80 हजार की मांग” के आरोप से हड़कंप: शिवपुरी परिवहन विभाग पर उठे बड़े सवाल डंपर मालिक ने आरटीओ रंजना कुशवाहा और बाबू पुरुषोत्तम बाथम पर लग...
“80 हजार की मांग” के आरोप से हड़कंप: शिवपुरी परिवहन विभाग पर उठे बड़े सवाल
डंपर मालिक ने आरटीओ रंजना कुशवाहा और बाबू पुरुषोत्तम बाथम पर लगाए प्रताड़ना के गंभीर आरोप, न्याय न मिलने पर आत्मघाती कदम की चेतावनी
India Aaj Tak.com
Editor-in-Chief: Vinod Vikat
Mob: 9977708976
Date: 29/05/2026
शिवपुरी /शिवपुरी जिले के परिवहन विभाग में उस समय सनसनी फैल गई जब एक डंपर मालिक ने जिला परिवहन कार्यालय में पदस्थ अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए खुला मोर्चा खोल दिया। पीड़ित वाहन मालिक ने आरटीओ रंजना कुशवाहा और विभाग में पदस्थ बाबू पुरुषोत्तम बाथम पर लगातार प्रताड़ित करने और कथित रूप से 80 हजार रुपये की मांग करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
डंपर मालिक का कहना है कि वह लंबे समय से विभागीय दबाव और मानसिक प्रताड़ना झेल रहा है। आरोप है कि फाइलों और वाहनों से जुड़े कार्यों को लेकर उस पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। पीड़ित ने दावा किया कि मांग पूरी नहीं होने पर उसे परेशान किया जा रहा है, जिससे वह मानसिक रूप से टूट चुका है।
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब पीड़ित ने यह तक कह दिया कि यदि उसे न्याय नहीं मिला तो वह आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो सकता है। इस बयान के बाद पूरे परिवहन विभाग में हड़कंप की स्थिति बन गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो और चर्चाओं ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
सूत्रों के अनुसार मामला सीधे जिला परिवहन कार्यालय शिवपुरी से जुड़ा हुआ है और आरोपों के सामने आने के बाद प्रशासनिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर परिवहन विभाग में वाहन संचालकों और व्यापारियों के साथ किस तरह का व्यवहार किया जा रहा है? यदि आरोप सही हैं तो यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं बल्कि पूरे सिस्टम पर बड़ा प्रश्नचिन्ह है।
जिले के कलेक्टर अर्पित वर्मा, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और परिवहन मंत्री से अब इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग उठने लगी है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर जनता का भरोसा पूरी तरह खत्म हो सकता है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन जिले में यह मामला चर्चा का सबसे बड़ा विषय बन चुका है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आरोपों की जांच होती है या मामला दबा दिया जाएगा।


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