कलेक्टर अर्पित वर्मा के सख्त निर्देशों का असर: मैदानी निरीक्षणों से बढ़ी प्रशासनिक सक्रियता, खाद व्यवस्था से लेकर विकास कार्यों तक अधिकारियो...
कलेक्टर अर्पित वर्मा के सख्त निर्देशों का असर: मैदानी निरीक्षणों से बढ़ी प्रशासनिक सक्रियता, खाद व्यवस्था से लेकर विकास कार्यों तक अधिकारियों की पैनी नजर
शिवपुरी | Indiaaajtak.in
Editor-in-Chief : Vinod Vikat
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दिनांक : 13/06/2026
शिवपुरी। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा (आईएएस) द्वारा जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को मैदानी स्तर पर सक्रिय रहकर विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की निगरानी के दिए गए निर्देशों का असर अब जिले में दिखाई देने लगा है। अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण शुरू कर दिया है।
इसी कड़ी में पोहरी एसडीएम जे.पी. गुप्ता ने पोहरी स्थित डबल लॉक खाद गोदाम का औचक निरीक्षण कर खाद भंडारण एवं वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने खाद की बोरियों की भौतिक जांच करते हुए संबंधित अधिकारियों को किसानों के लिए खाद वितरण में पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अनियमितता नहीं होने देने के निर्देश दिए।
वहीं, विश्व पर्यावरण दिवस से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक चल रहे विशेष अभियान के अंतर्गत करैरा जनपद पंचायत में आयोजित तीन दिवसीय खंड स्तरीय जनकल्याण शिविर का निरीक्षण जिला पंचायत सीईओ विजय राज ने किया। उन्होंने शिविर में आमजन को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने तथा प्राप्त शिकायतों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।
दूसरी ओर, आवास योजना के लंबित प्रकरणों वाले ग्रामों का भ्रमण कर हितग्राहियों से चर्चा की गई और उन्हें आगामी किश्तों के भुगतान संबंधी आवश्यक जानकारी प्रदान की गई। जनसुनवाई व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों ने जामखो और कुँवरपुर से संबंधित लंबित प्रकरणों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश भी दिए।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में कलेक्टर अर्पित वर्मा ने जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठक में सभी जनपद सीईओ को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि वे नियमित रूप से अपने क्षेत्रों का भ्रमण कर विकास एवं निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच करें और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का आकलन करें। कलेक्टर की बैठक के महज तीन दिन बाद ही शिवपुरी जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सोनम जैन भी मैदानी निरीक्षण के लिए अपने क्षेत्र में पहुंचीं।
जिले में बढ़ी यह प्रशासनिक सक्रियता इस बात का संकेत है कि अब योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी कार्यालयों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर की जाएगी, ताकि किसानों, हितग्राहियों और आमजन को शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ समय पर मिल सके।



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