Indiaaajtak.in Editor-in-Chief : विनोद विकट मो. : 09977708976 दिनांक : 08 जून 2026 फर्जी वीडियो से करैरा एसडीएम को बदनाम करने की साजिश? 50...
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Editor-in-Chief : विनोद विकट
मो. : 09977708976
दिनांक : 08 जून 2026
फर्जी वीडियो से करैरा एसडीएम को बदनाम करने की साजिश?
50 लाख की कथित मांग, डीपफेक वीडियो वायरल कर ब्लैकमेलिंग के आरोप
करैरा/शिवपुरी। करैरा एसडीएम अनुराग निंगवाल ने सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो को फर्जी बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वायरल वीडियो एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और डीपफेक तकनीक के माध्यम से तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य उनकी व्यक्तिगत एवं प्रशासनिक छवि को नुकसान पहुंचाना है।
एसडीएम निंगवाल ने आरोप लगाया है कि झांसी निवासी एक व्यक्ति द्वारा उन्हें ब्लैकमेल करते हुए 50 लाख रुपये की मांग की गई। कथित रूप से राशि नहीं देने पर वीडियो वायरल करने, मीडिया ट्रायल कराने और नौकरी प्रभावित करने जैसी धमकियां भी दी गईं।
जानकारी के अनुसार अनुराग निंगवाल पूर्व में भी शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए चर्चाओं में रहे हैं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि कहीं उनकी सख्त कार्यशैली से प्रभावित असामाजिक तत्वों द्वारा सुनियोजित तरीके से उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा।
एसडीएम ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। यदि जांच में वीडियो डीपफेक अथवा एआई से निर्मित पाया जाता है, तो यह केवल एक अधिकारी को बदनाम करने का मामला नहीं बल्कि साइबर अपराध और डिजिटल ब्लैकमेलिंग का गंभीर उदाहरण होगा।
सवाल यह भी...
क्या अब ईमानदारी से कार्रवाई करने वाले अधिकारियों को सोशल मीडिया के जरिए निशाना बनाया जा रहा है? क्या डीपफेक तकनीक का दुरुपयोग प्रशासनिक तंत्र के लिए नई चुनौती बनता जा रहा है?
फिलहाल पूरे मामले की निगाहें जांच पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि वायरल वीडियो के पीछे सच्चाई क्या है और इसके लिए जिम्मेदार कौन हैं।
— रिपोर्ट : विनोद विकट
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