बदरवास में माफिया पर प्रशासन का बड़ा प्रहार तहसीलदार को गोली मारने की धमकी देने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, अवैध उत्खनन बंद, शासकीय भूमि अतिक...
बदरवास में माफिया पर प्रशासन का बड़ा प्रहार
तहसीलदार को गोली मारने की धमकी देने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, अवैध उत्खनन बंद, शासकीय भूमि अतिक्रमण मुक्त
कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर 24 घंटे के भीतर संयुक्त कार्रवाई, लाइसेंसी हथियार जब्त, लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू
रिपोर्ट / विकट
शिवपुरी। बदरवास तहसील के ग्राम सड़बूड़ स्थित सिंध नदी क्षेत्र में शासकीय भूमि पर अवैध मिट्टी उत्खनन रोकने पहुंचे तहसीलदार सचिन भार्गव को धमकाने और गोली मारने की धमकी देने वाले आरोपियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर सख्त कार्रवाई कर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि शिवपुरी जिले में अब माफिया और कानून साथ-साथ नहीं चल सकते।
26 जून को अवैध उत्खनन रोकने पहुंची राजस्व टीम के साथ लाखन यादव, जयमंडल यादव और विकुल यादव ने न केवल शासकीय कार्य में बाधा डाली बल्कि तहसीलदार सचिन भार्गव को खुलेआम धमकी देते हुए कहा कि "सर, मान जाइए... नहीं तो गोली मार दूंगा।" इस घटना की खबर 26 जून के समाचार पत्रों में प्रमुखता से प्रकाशित हुई, जिसके बाद जिला प्रशासन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया।
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अर्पित वर्मा के निर्देश पर राजस्व, पुलिस एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने 27 जून को त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से लाइसेंसी शस्त्र जब्त किए गए तथा उनके शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है।
कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने अवैध उत्खनन में उपयोग किए जा रहे मार्ग को जेसीबी से बंद कराया। शासकीय भूमि पर किए गए अवैध निर्माण और अतिक्रमण को हटाकर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। मौके पर लगभग 6000 वर्गमीटर क्षेत्र में अवैध उत्खनन तथा करीब 40 घनमीटर अवैध रेत का भंडारण मिला, जिसे मौके पर ही विनष्ट कराया गया। अवैध उत्खनन में प्रयुक्त ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जब्त कर थाना बदरवास की अभिरक्षा में रखी गई है। साथ ही मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन तथा भंडारण का निवारण) नियम, 2022 के तहत वैधानिक कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
तहसीलदार सचिन भार्गव की भूमिका पूरे घटनाक्रम में चर्चा का विषय रही। जान से मारने की धमकी मिलने के बावजूद उन्होंने अपने कर्तव्य से पीछे हटने के बजाय कानून के अनुरूप कार्रवाई जारी रखी। प्रशासनिक अधिकारियों का भी परिवार होता है, फिर भी उन्होंने दबाव या भय के आगे झुकने के बजाय शासन के नियमों का पालन करते हुए अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई की, जिसकी जिलेभर में सराहना हो रही है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय कार्य में बाधा डालने, अधिकारियों-कर्मचारियों से अभद्रता करने, प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के विरुद्ध आगे भी कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
बदला प्रशासन का तेवर.....
शिवपुरी जिले में पूर्व कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी तथा उनसे पहले अक्षय कुमार सिंह भी पदस्थ रहे। हालांकि वर्तमान समय में कलेक्टर अर्पित वर्मा के कार्यकाल में अवैध उत्खनन, अतिक्रमण, भू-माफिया और कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में लगातार सख्त प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिल रही है। हाल के दिनों में जिले में कई संयुक्त अभियान चलाकर प्रशासन ने यह संकेत दिया है कि शासन के कार्य में बाधा डालने वालों के विरुद्ध तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
साफ संदेश....
बदरवास की यह कार्रवाई केवल तीन आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संदेश भी है कि यदि कोई व्यक्ति शासकीय अधिकारियों को धमकाकर कानून को चुनौती देने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध प्रशासन पूरी कठोरता के साथ कार्रवाई करेगा। जिले में अवैध उत्खनन और माफिया गतिविधियों पर लगाम लगाने की दिशा में यह कार्रवाई प्रशासन की दृढ़ इच्छाशक्ति का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है।

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