आसमान से बरस रही आग के बीच कलेक्ट्रेट में उमड़ी शिकायतकर्ताओं की भीड़, लाइन में लगे लोगों को अपने नंबर का इंतजार हाथ में पानी की बोतल लेक...
आसमान से बरस रही आग के बीच कलेक्ट्रेट में उमड़ी शिकायतकर्ताओं की भीड़, लाइन में लगे लोगों को अपने नंबर का इंतजार
हाथ में पानी की बोतल लेकर नाक-कान ढंक कर दूर दराज क्षेत्रों से आए लोगों को करना पड़ा लम्बा इंतजार
शिवपुरी शहर के कलेक्ट्रेट में आज दोपहर जनसुनवाई में आवेदन देने वालों की अच्छी खासी भीड़ नजर आई। आसमान से बरस रही आग के बीच जब जब लोग बाहर निकलने की हिम्मत नहीं कर पा रहे थे, ऐसे में शिकायत की सुनवाई होने की उम्मीद लगाकर आए लोग इसी जद्दोजहद में थे कि किसी तरह जिलाधीश के पास तक पहुंच जाएं, तो फिर ऐसी गर्मी में उनकी मेहनत कारगर हो जाएगी। शायद यही वजह थी कि नंबर का टोकन लेने से लेकर अंदर तक पहुंचने के लिए लंबी लाइन लगी हुई थी। गेट के पास दो लाइनें लगी हुईं थीं, जिसमें एक साइड महिलाएं व दूसरी तरफ पुरुष शिकायतकर्ताओं की लाइन लगी थी।
जनसुनवाई में एक वृद्धा को उनकी बेटी व नाती पकड़कर लाए थे। उम्र अधिक होने की वजह से आंखों से न दिख पाने के बावजूद यह वृद्धा अपनी जमीन को देवर ब जेठ के कब्जे से वापस दिलाए जाने की गुहार लगाने कलेक्ट्रेट आई। वृद्धा की करेरा में 13 बीघा जमीन है, जिस पर उनके जेठ व देवर कब्जा किए हुए हैं, तथा वो वृद्धा को भी अपने साथ नहीं रख रहे हैं, जिसके चलते वो अपनी बेटी के साथ बबीना उप्र में रह रही है। वृद्धा के नाती ने बताया कि जिलाधीश ने हमारी नानी की शिकायत सुनने के बाद करेरा के एसडीएम को फोन लगाकर निर्देशित किया कि इनका काम किया जाए। साथ ही कलेक्टर अर्पित वर्मा ने कहा कि आप करेरा जाकर एसडीएम से मिलना, आपका काम हो जाएगा। फिर भी यदि कोई समस्या आए तो मेरे पास आना, लेकिन अब अम्मा जी को परेशान मत करना। शिकायतकर्ता यह परिवार जिलाधीश के आश्वासन से संतुष्ट नजर आया।
एक-दो पंखे और लगाएं, तो बेहतर होगा:
जनसुनवाई में शिकायत लेकर आए हाथ में आवेदन और दूसरे हाथ से पसीना पोंछ रहे थे। आवेदन की प्रकिया जहां से शुरू होती है, वहां से लेकर सभाकक्ष के गेट के बीच में कोई पंखा नहीं है। जबकि गेट के पास एक पंखा लगा है। यदि बीच में भी एक-दो पंखे लगा दिए जाएं, तो लाइन में लगे लोगों को गर्मी के इस मौसम में काफी हद तक राहत मिल जाएगी।

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