Page Nav

HIDE

Breaking News:

latest

Total Pageviews

परिवहन विभाग में “मोटी नाला मॉडल” का महाखुलासा!

 परिवहन विभाग में “मोटी नाला मॉडल” का महाखुलासा! RTO चेकपोस्टों पर अवैध वसूली का ‘सिंडिकेट’ बेनकाब? ग्वालियर से भोपाल तक मचा हड़कंप, विभागीय...

 परिवहन विभाग में “मोटी नाला मॉडल” का महाखुलासा!

RTO चेकपोस्टों पर अवैध वसूली का ‘सिंडिकेट’ बेनकाब?

ग्वालियर से भोपाल तक मचा हड़कंप, विभागीय अफसरों में दहशत!

India Aaj Tak.com

Editor-in-Chief : Vinod Vikat

Mob : 9977708976

Date : 28/05/2026



ग्वालियर / मध्यप्रदेश परिवहन विभाग एक बार फिर जबरदस्त विवादों के घेरे में आ गया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही तस्वीरों और पोस्टरों ने विभाग के अंदर भूचाल ला दिया है। “मोटी नाला RTO चेकपोस्ट” को लेकर सामने आए आरोपों ने ग्वालियर से लेकर भोपाल तक अधिकारियों की नींद उड़ा दी है।

वायरल पोस्टर में दावा किया गया है कि कुछ चेकपोस्टों पर अवैध वसूली का ऐसा “सिस्टम” सक्रिय है, जिसने पूरे विभाग को अपनी गिरफ्त में ले रखा है। पोस्टर में यह भी आरोप लगाया गया है कि चेकपोस्टों पर होने वाली अवैध वसूली से कैंप कार्यालयों और बंगलों तक “सेटिंग” चलती है। इन दावों के बाद परिवहन विभाग में खलबली मच गई है।

“मोटी नाला” बना पूरे प्रदेश में चर्चा का केंद्र!

मंडला जिले के चर्चित “मोटी नाला चेकपोस्ट” को लेकर जो बातें सामने आई हैं, उन्होंने पूरे परिवहन अमले को कठघरे में खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि—

क्या चेकपोस्टों पर खुलेआम वसूली हो रही है?

क्या मलाईदार पोस्टिंग के पीछे बड़ा खेल चलता है?

क्या छोटे कर्मचारियों के पीछे बड़े अधिकारी सुरक्षित बैठे हैं?

आखिर परिवहन आयुक्त स्तर तक शिकायतें पहुंचने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं?

“सिस्टम लाचार या संरक्षण मजबूत?”

वायरल सामग्री में यह तक कहा गया है कि विभाग में ऐसा सिंडिकेट सक्रिय है जो कार्रवाई से बच जाता है, जबकि ईमानदार अधिकारी किनारे कर दिए जाते हैं। इससे विभाग की छवि पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।

सूत्रों के मुताबिक, कुछ अधिकारी अब खुलकर बोलने से बच रहे हैं। विभागीय दफ्तरों में फाइलों की जांच और पुराने रिकॉर्ड खंगालने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई चेकपोस्टों पर अचानक सन्नाटा छा गया है।

मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री से हस्तक्षेप की मांग

सोशल मीडिया पर लोग अब मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री से सीधी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। जनता का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो जाए तो परिवहन विभाग के अंदर करोड़ों रुपये के कथित खेल का पर्दाफाश हो सकता है।

लोकायुक्त, EOW और विजिलेंस जांच की मांग भी तेज हो गई है। कई सामाजिक संगठनों ने कहा है कि अगर आरोप सही हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

“India Aaj Tak” करेगा बड़ा खुलासा

India Aaj Tak की टीम लगातार परिवहन विभाग के चेकपोस्ट नेटवर्क, पोस्टिंग सिस्टम और कथित अवैध वसूली तंत्र की गहराई से जांच कर रही है। आने वाले दिनों में ऐसे दस्तावेज और जानकारियां सामने लाई जाएंगी, जिनसे विभाग में और बड़ा भूचाल आ सकता है।

“भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी कलम लगातार चलेगी…”

– Vinod Vikat

Editor-in-Chief

India Aaj Tak.com

Mob : 9977708976

No comments

Contact Form

Name

Email *

Message *

Latest Articles