शिवपुरी आबकारी विभाग पर सवालों का तूफान, अवैध शराब बिक्री को लेकर प्रशासनिक गलियारों में हलचल India Aaj Tak.com Editor-in-Chief: Vinod Vik...
शिवपुरी आबकारी विभाग पर सवालों का तूफान, अवैध शराब बिक्री को लेकर प्रशासनिक गलियारों में हलचल
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Editor-in-Chief: Vinod Vikat
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Date: 28/05/2026
शिवपुरी / मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। जिले के कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खुलेआम शराब बिक्री की चर्चाओं ने प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध शराब कारोबार लगातार फैल रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग प्रभावी कार्रवाई करता नजर नहीं आ रहा।
सूत्रों के अनुसार शिवपुरी आबकारी विभाग में कई अधिकारी लंबे समय से पदस्थ हैं। विभाग में जिलाधिकारी शिवम दोगरे, आबकारी निरीक्षक तीर्थराज भारद्वाज, निरीक्षक राहुल गुप्ता और निरीक्षक विनीत शर्मा के पदस्थ होने की जानकारी सामने आ रही है। इसके अलावा सूत्रों के हवाले से विजय दुबे, राहुल कुशवाह, तीर्थराम लोधा, विनोद शर्मा और अनिल लोधी के नाम भी विभागीय चर्चाओं में सामने आ रहे हैं। हालांकि इन सभी नामों को लेकर किसी प्रकार के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जिले के लोगों का कहना है कि गांव-गांव और गली-गली शराब बिक्री की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। कई स्थानों पर कथित रूप से नियमों को ताक पर रखकर शराब सप्लाई होने की चर्चाएं हैं। जनता सवाल उठा रही है कि जब आबकारी विभाग का मुख्य दायित्व अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाना है, तो फिर खुलेआम कारोबार कैसे चल रहा है।
अब इस मामले में जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा से भी सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मध्यप्रदेश शासन के आबकारी मंत्री और आबकारी कमिश्नर तक भी यह मामला पहुंचने की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
सूत्रों का कहना है कि यदि पूरे जिले में निष्पक्ष जांच कराई जाए तो अवैध शराब नेटवर्क, विभागीय लापरवाही और कथित मिलीभगत से जुड़े कई बड़े तथ्य सामने आ सकते हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आबकारी विभाग की निष्क्रियता के कारण युवाओं में नशे का प्रभाव बढ़ रहा है और सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है।
मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत बिना लाइसेंस शराब बिक्री, अवैध परिवहन और नियमों के उल्लंघन पर कठोर सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। इसके बावजूद यदि लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर बड़ा प्रश्नचिन्ह माना जा रहा है।
अब पूरे जिले की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन और सरकार इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या अवैध शराब कारोबार पर सख्त कार्रवाई हो पाएगी।

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