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सुरवाया: पूर्व थाना प्रभारी राघवेंद्र चौहान पर लगे गंभीर आरोप, पीड़ित परिवार ने लगाई एसपी से न्याय की गुहार

  सुरवाया: पूर्व थाना प्रभारी राघवेंद्र चौहान पर लगे गंभीर आरोप, पीड़ित परिवार ने लगाई एसपी से न्याय की गुहार ​शिवपुरी। जिले के सुरवाया थाना...

 सुरवाया: पूर्व थाना प्रभारी राघवेंद्र चौहान पर लगे गंभीर आरोप, पीड़ित परिवार ने लगाई एसपी से न्याय की गुहार


​शिवपुरी। जिले के सुरवाया थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक पीड़ित महिला ने सुरवाया थाने के पूर्व थाना प्रभारी राघवेन्द्र सिंह चौहान पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय में सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित महिला का आरोप है कि पूर्व टीआई के नाम पर उन्हें और उनकी बेटियों को लगातार धमकियां दी जा रही हैं और उनके घर में आगजनी तक की वारदात को अंजाम दिया गया है।

​थाने में सुनवाई न होने और मारपीट का आरोप

​पीड़ित महिला ने वीडियो बयान जारी कर अपना दर्द बयां किया है। महिला का कहना है कि उनके इलाके में कुछ लोगों के साथ उनकी लड़ाई हुई थी, जिसके बाद वे अपनी जान बचाकर सुरवाया थाने पहुंचे थे। महिला का आरोप है कि थाने में उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई, बल्कि वहां मौजूद विपक्षी पक्षों द्वारा उन्हें और उनकी बेटियों को पूर्व  राघवेंद्र चौहान के नाम की धमकियां दी गईं।

​पीड़ित महिला का बयान: > "हम अपनी जान बचाकर थाने भागे थे, लेकिन वहां हमें और हमारी बेटियों को धमकी दी गई कि राघवेंद्र चौहान (पूर्व के थाना प्रभारी, सुरवाया) जो अभी फिजिकल थाने में हैं, उनके जरिए हमारी ऐसी हालत करवाई जाएगी कि हम कहीं के नहीं रहेंगे। हमारे घरों में आग लगाने की धमकी दी गई।"

​महिला ने आगे आरोप लगाया कि थाने से लौटने के बाद मोहल्ले में सपना और उसके परिवार वालों ने पुलिस स्टाफ की मौजूदगी में उनके साथ दोबारा मारपीट की।

​रात में घर में लगाई आग, वीडियो आया सामने

​मामला यहीं नहीं रुका; पीड़िता का आरोप है कि बीती रात उनके घर में आग लगा दी गई। इस पूरी आगजनी की घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसे लेकर पीड़ित परिवार सुबह सीधे एसपी ऑफिस (SP Office) पहुंचा। महिला ने बताया कि उन्होंने एसपी कार्यालय में आवेदन देकर अपनी और अपने परिवार की जान-माल की रक्षा की मांग की है।

​निष्पक्ष जांच की आवश्यकता

​एक तरफ जहां पुलिस प्रशासन कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करता है, वहीं दूसरी ओर पुलिस थाने के भीतर और पूर्व थाना प्रभारी के नाम पर इस तरह की धमकियां मिलना और उसके बाद आगजनी जैसी वारदात होना स्थानीय प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना यह होगा कि इस मामले में जिला पुलिस अधीक्षक द्वारा क्या संज्ञान लिया जाता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिलता है।

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