Indiaaajtak.in दिनांक : 21 जून 2026 Editor-in-Chief : Vinod Vikat मोबाइल : 9977708976 शिवपुरी आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, 113 ...
Indiaaajtak.in
दिनांक : 21 जून 2026
Editor-in-Chief : Vinod Vikat
मोबाइल : 9977708976
शिवपुरी आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, 113 लाइसेंसी दुकानों के निरीक्षण और कार्रवाई पर पारदर्शिता नहीं
शिवपुरी। जिले के आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। पूर्व जिला आबकारी अधिकारी संजय जैन के सेवानिवृत्त होने के बाद विभाग की जिम्मेदारी कार्यवाहक जिला आबकारी अधिकारी शुभम दांगोड़े संभाल रहे हैं। आरोप हैं कि जिले में संचालित 113 लाइसेंसी शराब दुकानों एवं हाट बाजारों पर प्रभावी निगरानी और कार्रवाई की जानकारी आम जनता तक नहीं पहुंच पा रही है।
सोशल मीडिया पर कई बार शराब दुकानों में नियमों के उल्लंघन से जुड़े फोटो और वीडियो वायरल हुए हैं, लेकिन विभाग द्वारा की गई कार्रवाई सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने के कारण लोगों में सवाल खड़े हो रहे हैं। जानकारी लेने के लिए जिला आबकारी अधिकारी शुभम दांगोड़े से संपर्क का प्रयास किया गया, लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका।
आबकारी निरीक्षक राहुल गुप्ता ने बताया कि पिछले महीने शिवपुरी क्षेत्र की 29 दुकानों का दो से तीन बार निरीक्षण किया गया है। कई मामलों में आर्थिक जुर्माना लगाया गया तथा हनुमंत गांव से जुड़े मामले में भी कार्रवाई की गई है। वहीं कोलारस-बदरवास क्षेत्र में पदस्थ आबकारी निरीक्षक तीर्थराज भारद्वाज का कहना है कि क्षेत्र की दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाता है और नियम उल्लंघन मिलने पर आर्थिक दंड भी लगाया जाता है।
हालांकि सवाल यह उठ रहा है कि यदि लगातार निरीक्षण और आर्थिक दंड की कार्रवाई हो रही है तो उसकी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही। विभाग द्वारा लगाए गए जुर्मानों, निरीक्षण रिपोर्टों और कार्रवाई के परिणामों की जानकारी जनता के सामने नहीं आ पा रही है। ऐसे में लोगों का कहना है कि विभागीय कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित दिखाई देती है।
वहीं आबकारी निरीक्षक विनीत शर्मा से निरीक्षण और कार्रवाई के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इससे विभागीय पारदर्शिता को लेकर और अधिक सवाल खड़े हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार जिले में कोलारस-बदरवास क्षेत्र में 17, पोहरी-बैराड़ में 18, शिवपुरी क्षेत्र में 29, करैरा-दिनारा-नरवर में 24 तथा पिछोर-खनियाधाना क्षेत्र में 25 लाइसेंसी शराब दुकानें संचालित हैं। आबकारी अधिनियम के तहत इन दुकानों का नियमित निरीक्षण, स्टॉक सत्यापन, निर्धारित मूल्य पर बिक्री और लाइसेंस शर्तों का पालन सुनिश्चित करना विभाग की जिम्मेदारी है।
अब सवाल यह है कि यदि विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है तो उसकी जानकारी सार्वजनिक क्यों नहीं की जा रही। जिले के नागरिकों ने मांग की है कि निरीक्षण, जुर्माना और अन्य विभागीय कार्रवाइयों का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके और विभागीय कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे।
जिले के लोगों की नजर अब जिला प्रशासन पर है कि वह आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाता है।

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