15 साल से एक ही जिले में जमे उपयंत्री, करोड़ों की मरम्मत राशि के हिसाब पर उठे सवाल कार्यालय जिला शिक्षा केंद्र शिवपुरी में स्कूल मरम्मत मद क...
15 साल से एक ही जिले में जमे उपयंत्री, करोड़ों की मरम्मत राशि के हिसाब पर उठे सवाल
कार्यालय जिला शिक्षा केंद्र शिवपुरी में स्कूल मरम्मत मद की राशि को लेकर पारदर्शिता पर चर्चा
शिवपुरी, 23 जून।
कार्यालय जिला शिक्षा केंद्र, शिवपुरी एक बार फिर चर्चा में है। जिले के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के रख-रखाव एवं मरम्मत के लिए शासन द्वारा प्रतिवर्ष लाखों-करोड़ों रुपये की राशि जारी की जाती है, लेकिन यह राशि किन-किन विद्यालयों में खर्च हुई और उससे कौन-कौन से कार्य कराए गए, इसकी स्पष्ट जानकारी विभागीय अधिकारी उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं।
गौरतलब है कि पूर्व में जिला शिक्षा केंद्र उस समय भी सुर्खियों में आया था, जब तत्कालीन जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) अशोक त्रिपाठी और बीआरसी बालकृष्ण ओझा के बीच विवाद और मारपीट का मामला सामने आया था। इसके बाद अशोक त्रिपाठी का स्थानांतरण हो गया, जबकि बालकृष्ण ओझा अभी भी जिले में पदस्थ हैं। वर्तमान में जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) का दायित्व दफेदार सिंह सिकरवार संभाल रहे हैं।
जिले में राजेंद्र सिंह बेदी, विजय जैन, आत्माराम पचौरी, जे.पी. सक्सेना, राजेंद्र गुप्ता, वीरेंद्र लाल लोधी और जितेंद्र परिहार सहित कई उपयंत्री लगभग 15 वर्षों से शिवपुरी जिले में पदस्थ बताए जा रहे हैं। जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों—शिवपुरी, कोलारस, पिछोर, करैरा और पोहरी—के विद्यालयों में मरम्मत और रख-रखाव के लिए प्रतिवर्ष बड़ी राशि स्वीकृत होती है, लेकिन वर्षों में प्राप्त और खर्च की गई राशि का समग्र विवरण अधिकारियों द्वारा स्पष्ट रूप से नहीं दिया जा रहा है।


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