जिला शिक्षा केंद्र में वर्षों से जमे अधिकारियों पर उठे सवाल, संपत्ति और कार्यकाल की जांच की मांग स्कूल मरम्मत मद में हर वर्ष आता है लाखों-...
जिला शिक्षा केंद्र में वर्षों से जमे अधिकारियों पर उठे सवाल, संपत्ति और कार्यकाल की जांच की मांग
स्कूल मरम्मत मद में हर वर्ष आता है लाखों-करोड़ों का बजट, पारदर्शिता को लेकर चर्चा तेज
Indiaaajtak.in
Editor-in-Chief : Vinod Vikat
Mob. : 9977708976
दिनांक : 23/06/2026
शिवपुरी।
जिला शिक्षा केंद्र शिवपुरी के अंतर्गत संचालित समग्र शिक्षा अभियान विभाग एक बार फिर चर्चाओं में है। जिले के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों की मरम्मत एवं रख-रखाव के लिए शासन द्वारा प्रतिवर्ष लाखों-करोड़ों रुपये की राशि जारी की जाती है। इस बीच विभाग में वर्षों से एक ही जिले में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
जानकारी के अनुसार विभाग में राजेंद्र सिंह बेदी, विजय जैन, आत्माराम पचौरी, जे.पी. सक्सेना, राजेंद्र गुप्ता, वीरेंद्र लाल लोधी, जितेंद्र परिहार सहित कई अधिकारी लंबे समय से शिवपुरी जिले में पदस्थ बताए जाते हैं। वहीं उपयंत्री सोबरन सिंह पवैया लगभग 14 वर्ष तक जिले में सेवा देने के बाद हाल ही में सेवानिवृत्त हुए हैं। बताया जाता है कि वे मूल रूप से ग्वालियर के निवासी हैं और लंबे समय तक बदरवास क्षेत्र में पदस्थ रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब किसी अधिकारी का एक ही जिले में वर्षों तक पदस्थापन बना रहता है तो उसकी कार्यप्रणाली, विभागीय कार्यों और वित्तीय मामलों की समय-समय पर समीक्षा होना आवश्यक है। लोगों की मांग है कि संबंधित अधिकारियों की सेवा अवधि, पदस्थापना अवधि तथा विभागीय कार्यों की निष्पक्ष जांच की जाए।
जिले में यह चर्चा भी है कि अधिकारियों की वर्तमान संपत्तियों और उनकी वैधानिक आय के स्रोतों का परीक्षण किया जाना चाहिए। लोगों का कहना है कि यह देखा जाना चाहिए कि अधिकारियों ने नौकरी किस वर्ष प्रारंभ की, उस समय उनका वेतन कितना था, वर्तमान में उनकी आय कितनी है तथा वर्षों के दौरान अर्जित संपत्तियां वैधानिक आय, बैंक ऋण अथवा अन्य स्वीकृत स्रोतों से प्राप्त की गई हैं या नहीं। हालांकि इन सभी बिंदुओं पर किसी सक्षम एजेंसी द्वारा कोई जांच या निष्कर्ष अभी सामने नहीं आया है।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में शिवपुरी जिले में विभिन्न विभागों से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं के मामले सामने आते रहे हैं। शिक्षा विभाग, लोक निर्माण विभाग तथा अन्य शासकीय संस्थानों से जुड़े मामलों की जांच भी विभिन्न स्तरों पर हुई है। हाल ही में नगर पालिका से जुड़े एक मामले में भी कार्रवाई चर्चा का विषय रही थी।
इसी बीच जिले में नए कलेक्टर के रूप में अर्पित वर्मा ने पदभार संभाला है। पदभार ग्रहण करने के बाद वे विभिन्न विभागों का निरीक्षण कर रहे हैं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं में सुधार के प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में आमजन की नजर अब जिला शिक्षा केंद्र और समग्र शिक्षा अभियान विभाग पर भी है।


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