विवेकानंद कॉलोनी में करोड़ों की सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप, न्यायाधीश आवास के सामने बाउंड्रीवाल और गेट निर्माण से उठे सवाल शिवपुरी, 22 ज...
विवेकानंद कॉलोनी में करोड़ों की सरकारी भूमि पर कब्जे का आरोप, न्यायाधीश आवास के सामने बाउंड्रीवाल और गेट निर्माण से उठे सवाल
शिवपुरी, 22 जून 2026। शहर की विवेकानंद कॉलोनी वार्ड क्रमांक-2 में माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आवास के सामने स्थित सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सर्वे नंबर 143 की पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) की भूमि पर बाउंड्रीवाल बनाकर गेट लगा दिया गया है और करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी जमीन पर कब्जे का प्रयास किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार संबंधित भूमि के स्वामित्व को लेकर की गई जांच में कब्जाधारियों के पास कोई वैध दस्तावेज, रजिस्ट्री अथवा स्वामित्व संबंधी अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जा सके। इसके बावजूद भूमि पर निर्माण कार्य होने से प्रशासनिक निगरानी और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि सर्वे नंबर 143 की भूमि सरकारी रिकॉर्ड में पीडब्ल्यूडी की संपत्ति दर्ज है, तो संबंधित विभाग और राजस्व अमले को तत्काल सीमांकन कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। साथ ही यदि अतिक्रमण की पुष्टि होती है तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
मामले को लेकर क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि करोड़ों रुपये मूल्य की सरकारी भूमि पर निर्माण कार्य बिना वैध स्वामित्व दस्तावेजों के कैसे संभव हुआ। नागरिकों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सार्वजनिक करने की मांग की है।
एक नजर इधर भी...
सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के आरोप केवल भूमि विवाद का विषय नहीं हैं, बल्कि सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़े हैं। यदि संबंधित भूमि सरकारी रिकॉर्ड में पीडब्ल्यूडी की संपत्ति है, तो प्रशासन को तत्काल सीमांकन कराकर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।
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Editor-in-Chief : Vinod Vikat
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