Indiaaajtak.in Editor-in-Chief : Vinod Vikat मो. 09977708976 दिनांक : 30 मई 2026 9 साल से एक ही शहर में जमे एई सचिन चौहान, आखिर किसके संरक...
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Editor-in-Chief : Vinod Vikat
मो. 09977708976
दिनांक : 30 मई 2026
9 साल से एक ही शहर में जमे एई सचिन चौहान, आखिर किसके संरक्षण में बच रहे तबादले से?
सीएमओ बदले, अध्यक्ष बदले, सरकारें बदलीं, लेकिन नगर पालिका के तकनीकी विभाग का यह चेहरा नहीं बदला
शिवपुरी। नगर पालिका शिवपुरी के विकास कार्यों और तकनीकी व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। शहर की बदहाल सड़कों, अधूरी परियोजनाओं, जल निकासी की समस्याओं, करोड़ों रुपये की विकास योजनाओं के अपेक्षित परिणाम न देने और नागरिक सुविधाओं की खस्ताहाल स्थिति के बीच नगर पालिका के सहायक यंत्री (एई) सचिन चौहान का लगभग नौ वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ रहना चर्चा का विषय बन गया है।
जानकारी के अनुसार सचिन चौहान की शासकीय सेवा में पहली पदस्थापना ही शिवपुरी नगर पालिका में हुई थी। वर्ष 2017 में पदस्थ हुए अधिकारी आज भी उसी नगर पालिका में कार्यरत हैं। इस दौरान नगर पालिका में कई मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) आए और चले गए, नगर परिषद और नगर पालिका के अध्यक्ष बदले, प्रशासनिक व्यवस्थाएं बदलीं, सरकारों के कार्यकाल बदले, लेकिन तकनीकी विभाग में सचिन चौहान की कुर्सी जस की तस बनी रही।
नगर पालिका का इंजीनियरिंग विभाग शहर के विकास का सबसे महत्वपूर्ण विभाग माना जाता है। सड़कों, नालियों, पार्कों, स्ट्रीट लाइटों, भवन निर्माण, तकनीकी स्वीकृतियों, टेंडर प्रक्रियाओं और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जिम्मेदारी इसी विभाग पर होती है। ऐसे में यदि शहर की विकास योजनाएं लगातार सवालों के घेरे में हैं तो तकनीकी जवाबदेही भी स्वाभाविक रूप से जांच के दायरे में आती है।
शहरवासियों का आरोप है कि पिछले कई वर्षों में करोड़ों रुपये की अनेक योजनाएं शुरू हुईं, लेकिन उनमें से कई योजनाएं अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकीं। कहीं सड़कें समय से पहले उखड़ गईं, कहीं नालियों का निर्माण विवादों में रहा, तो कहीं विकास कार्य शुरू होने के बाद भी नागरिकों को राहत नहीं मिल सकी। कई योजनाएं ऐसी भी रहीं जिन पर भारी राशि खर्च हुई, लेकिन जनता को उसका लाभ नहीं मिल पाया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था में अधिकारियों का समय-समय पर स्थानांतरण होता है, तब एक अधिकारी को लगातार नौ वर्षों तक एक ही नगर पालिका में बनाए रखने के पीछे क्या कारण हैं? आखिर ऐसा कौन सा प्रशासनिक आधार है जिसके चलते अब तक उनका स्थानांतरण नहीं हुआ?
नगर पालिका से जुड़े जानकारों का कहना है कि लंबे समय तक एक ही स्थान पर पदस्थ रहने से प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। यही कारण है कि अब नगर पालिका के तकनीकी विभाग के कार्यकाल, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और करोड़ों रुपये की योजनाओं की तकनीकी निगरानी की स्वतंत्र समीक्षा की मांग भी उठने लगी है।
शहर की जनता आज पेयजल, सड़क, नाली और मूलभूत सुविधाओं जैसी समस्याओं से जूझ रही है। ऐसे में नागरिकों का सवाल है कि यदि विकास कार्यों की जिम्मेदारी तय है, तो वर्षों से एक ही स्थान पर पदस्थ अधिकारियों के कार्यों का मूल्यांकन क्यों नहीं किया गया?
शिवपुरी में अब चर्चा केवल विकास कार्यों की नहीं, बल्कि उस व्यवस्था की भी है जिसमें जवाबदेही तय होने के बावजूद जिम्मेदार चेहरे वर्षों तक बिना किसी प्रशासनिक परिवर्तन के बने रहते हैं।


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