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सीएम हेल्पलाइन में शिकायत "क्लोज", लेकिन अवैध शराब बिक्री पर कार्रवाई कहां? आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

  सीएम हेल्पलाइन में शिकायत "क्लोज", लेकिन अवैध शराब बिक्री पर कार्रवाई कहां? आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल शिकाय...

 सीएम हेल्पलाइन में शिकायत "क्लोज", लेकिन अवैध शराब बिक्री पर कार्रवाई कहां? आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल

शिकायत बंद, समस्या बरकरार होने का आरोप; आबकारी विभाग की जांच और कार्रवाई पर सवाल


शिवपुरी। जिले के करौंदी कॉलोनी क्षेत्र में कथित अवैध शराब बिक्री को लेकर दर्ज की गई सीएम हेल्पलाइन शिकायत अब एक बार फिर चर्चा में है। शिकायतकर्ता एवं पत्रकार अशफाक खान का आरोप है कि शिकायत को तो विभाग ने "क्लोज" कर दिया, लेकिन जिस अवैध शराब बिक्री की शिकायत की गई थी, उस पर प्रभावी कार्रवाई आज तक दिखाई नहीं दी।

उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार, 09 अप्रैल 2026 को सीएम हेल्पलाइन में शिकायत क्रमांक 37670987 दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कहा गया था कि रामजानकी मंदिर, करौंदी कॉलोनी, वार्ड क्रमांक-36 क्षेत्र में कथित रूप से अवैध तरीके से देशी शराब बेची जा रही है। शिकायत में यह भी उल्लेख था कि आबकारी विभाग को पूर्व में आवेदन दिए जाने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही थी।

शिकायत का निराकरण 21 अप्रैल 2026 को दर्शाया गया है। विभागीय जवाब में लिखा गया कि शिकायत की जांच आबकारी उप निरीक्षक द्वारा की गई तथा शिकायतकर्ता से संपर्क कर कार्रवाई से अवगत करा दिया गया। इसके बाद शिकायत को "क्लोज" कर दिया गया।

लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि यदि शिकायत सही थी तो संबंधित स्थान पर क्या ठोस कार्रवाई की गई? क्या अवैध शराब बिक्री पूरी तरह बंद हुई? यदि कार्रवाई हुई तो उसका रिकॉर्ड और परिणाम सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया?

शिकायतकर्ता का आरोप है कि उस समय शिवपुरी में पदस्थ आबकारी इंस्पेक्टर तीर्थराज भारद्वाज ने कार्रवाई का आश्वासन दिया था, जिसके बाद शिकायत बंद कर दी गई। लेकिन वर्षों बाद भी क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री की शिकायतें सामने आती रही हैं। यदि यह आरोप सही हैं तो यह केवल एक शिकायत का मामला नहीं, बल्कि विभागीय जवाबदेही का भी प्रश्न बन जाता है।

जनता के सवाल

सीएम हेल्पलाइन में शिकायत क्लोज करने का आधार क्या था?

जांच रिपोर्ट में वास्तव में क्या पाया गया?

संबंधित स्थल पर जब्ती, प्रकरण या कोई कानूनी कार्रवाई हुई थी या नहीं?

यदि कार्रवाई हुई थी तो उसका परिणाम क्या रहा?

क्या विभाग इस मामले की पूरी जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करेगा?

शिकायत के बाद भी यदि अवैध शराब बिक्री जारी रही, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?

जवाब का इंतजार

सीएम हेल्पलाइन का उद्देश्य केवल शिकायत बंद करना नहीं, बल्कि समस्या का समाधान करना है। ऐसे में यदि शिकायतकर्ता आज भी कार्रवाई पर सवाल उठा रहा है तो आबकारी विभाग को पूरे मामले पर स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए। पारदर्शिता और जवाबदेही ही जनता का विश्वास कायम रख सकती है।

अब निगाहें आबकारी विभाग पर हैं कि वह इस मामले में अपनी जांच, कार्रवाई और परिणामों को सार्वजनिक कर जनता के सवालों का जवाब देता है या नहीं।

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