डकैत रामबाबू पर विधायक प्रीतम लोधी के बयान से सियासत गरम पिछोर। शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी एक बार फिर अपने...
डकैत रामबाबू पर विधायक प्रीतम लोधी के बयान से सियासत गरम
पिछोर। शिवपुरी जिले की पिछोर विधानसभा से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी एक बार फिर अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। देवी अहिल्याबाई होल्कर जयंती कार्यक्रम के दौरान विधायक ने मध्यप्रदेश के कुख्यात रहे डकैत रामबाबू गड़रिया की तस्वीर पर माल्यार्पण किया और कहा कि वह परिस्थितियों तथा सामंती अत्याचारों के कारण डकैत बना था।
कार्यक्रम में विधायक ने रामबाबू को अपना "भाई" बताते हुए कहा कि उनकी मुलाकात उससे जंगल से लेकर जेल तक हुई थी और वे उसके जीवन संघर्ष को समझते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार परिस्थितियां व्यक्ति को ऐसा रास्ता चुनने पर मजबूर कर देती हैं, जिसे समाज स्वीकार नहीं करता।
विधायक के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दलों और कई सामाजिक संगठनों ने सवाल उठाया है कि हत्या, लूट, अपहरण और फिरौती जैसे गंभीर मामलों में आरोपित रहे एक कुख्यात दस्यु के प्रति सार्वजनिक मंच से सहानुभूति व्यक्त करना कितना उचित है।
गौरतलब है कि रामबाबू गड़रिया पर एक समय 15 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस रिकॉर्ड में उसे टी-1 (टारगेट-1) श्रेणी में रखा गया था और उसके खिलाफ हत्या, अपहरण तथा फिरौती सहित अनेक गंभीर मामले दर्ज रहे हैं। चंबल और आसपास के क्षेत्रों में उसका नाम लंबे समय तक दहशत का पर्याय माना जाता था।
विधायक के बयान और माल्यार्पण की तस्वीरें सामने आने के बाद यह मुद्दा अब राजनीतिक बहस का विषय बन गया है।
राजनीतिक तीर
"डकैतों के आतंक से जिन परिवारों ने अपनों को खोया, वे आज पूछ रहे हैं—सहानुभूति अपराध की परिस्थितियों से है या अपराध के इतिहास से?"
— विनोद विकट, शिवपुरी

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