राजनीतिक तीर विनोद विकट, शिवपुरी "पहले मन की बात सुनी, फिर मन की भड़ास निकाली" पुरानी शिवपुरी में ओमी गुरु के निवास पर पीएम की म...
राजनीतिक तीर
विनोद विकट, शिवपुरी
"पहले मन की बात सुनी, फिर मन की भड़ास निकाली"
पुरानी शिवपुरी में ओमी गुरु के निवास पर पीएम की मन की बात सुनने जुटे भाजपा नेताओं की बैठक बाद में संगठनात्मक असंतोष का मंच बन गई। बैठक में सोनू बिरथरे, भोपाल सिंह दांगी, गोपाल कुशवाह और जगभान सिंह सहित कई पुराने भाजपाई मौजूद रहे।
बैठक में सबसे तीखा सवाल यही गूंजा—"जब हम 80 फीसदी हैं, तो 20 फीसदी आयातित नेता पार्टी और प्रशासन पर कैसे हावी हैं?"
पानी संकट, कलेक्ट्रेट की बैठकों में पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा और कांग्रेस से आए नेताओं के बढ़ते प्रभाव पर खुलकर नाराजगी जताई गई। गुना विधायक के वायरल वीडियो का हवाला देकर भी आयातित नेताओं को तरजीह देने पर सवाल उठे।
तीर:
"मन की बात खत्म होते ही भाजपा में मन का दर्द बाहर आ गया। सवाल अब विपक्ष नहीं, अपने ही घर के भीतर खड़े हो रहे हैं।"

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