अफसरनामा : सतनबाड़ा के जंगलों में आखिर कौन है जिम्मेदार? विनोद विकट शिवपुरी वन मंडल के सतनबाड़ा और नरवर वन क्षेत्र को लेकर वर्षों से उठ रह...
अफसरनामा : सतनबाड़ा के जंगलों में आखिर कौन है जिम्मेदार?
विनोद विकट
शिवपुरी वन मंडल के सतनबाड़ा और नरवर वन क्षेत्र को लेकर वर्षों से उठ रहे सवाल अब जवाब मांगने लगे हैं। जंगलों में अवैध उत्खनन, अवैध वृक्ष कटाई, वन भूमि पर अतिक्रमण और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि शिकायतें भी हुईं, वीडियो भी वायरल हुए, जांच के आदेश भी दिए गए, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई दिखाई देती है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के जिम्मे वन सुरक्षा की जिम्मेदारी है, क्या उन्हें अपने ही क्षेत्र में चल रही गतिविधियां दिखाई नहीं दीं, या फिर सब कुछ देखकर भी अनदेखा किया जाता रहा? यदि जंगल सुरक्षित थे तो अवैध कटाई और उत्खनन की शिकायतें बार-बार क्यों सामने आईं? और यदि शिकायतें सही थीं तो फिर दोषियों पर कठोर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
चर्चा इस बात की भी है कि कई मामलों में जांच उन्हीं अधिकारियों को सौंप दी गई जिनके क्षेत्र को लेकर सवाल उठ रहे थे। ऐसे में जांच की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जांच रिपोर्टों में अक्सर शिकायतों को ही संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया गया, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और कहानी बयां करती रही।
अब आवश्यकता इस बात की है कि वर्ष 2021 से वर्तमान तक के पूरे वन क्षेत्र की सेटेलाइट इमेज, जीआईएस मैपिंग और स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए। यदि जंगलों में कोई नुकसान नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर लग रहे आरोप स्वतः समाप्त हो जाएंगे। लेकिन यदि वन क्षेत्र में अवैध कटाई, अतिक्रमण या उत्खनन के प्रमाण मिलते हैं तो फिर जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
वन विभाग का उद्देश्य केवल कागजों पर हरियाली दिखाना नहीं, बल्कि धरातल पर जंगलों की रक्षा करना है। ऐसे में सतनबाड़ा वन परिक्षेत्र को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देना विभाग की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी है।
सवाल यह नहीं कि शिकायत किसने की, सवाल यह है कि जंगल बचे कितने और जिम्मेदार कौन है?
— विनोद विकट
अफसरनामा
Indiaaajtak.in
04 जून 2026

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