Indiaaajtak.in Editor-in-Chief : Vinod Vikat Mob. : 9977708976 दिनांक : 24/06/2026 करैरा ब्लास्ट के बाद फिर कटघरे में खनिज विभाग, खदानों और...
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Editor-in-Chief : Vinod Vikat
Mob. : 9977708976
दिनांक : 24/06/2026
करैरा ब्लास्ट के बाद फिर कटघरे में खनिज विभाग, खदानों और क्रेशरों की निगरानी पर उठे सवाल
शिवपुरी। करैरा तहसील के ग्राम सिलारपुर में हुए अनियंत्रित डायनामाइट ब्लास्ट के बाद जिले का खनिज विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है। ब्लास्ट के दौरान पत्थर उड़कर ग्रामीणों के मकानों और छतों पर जा गिरे, जिससे लोगों में दहशत फैल गई और संपत्ति को नुकसान पहुंचा। घटना के विरोध में ग्रामीणों ने कोटा-झांसी फोरलेन (एनएच-27) पर चक्का जाम कर दिया था। बाद में करैरा एसडीएम अनुराग निगवाल, पुलिस प्रशासन और अन्य अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद संबंधित स्टोन क्रेशर को सील किया गया, तब जाकर लगभग डेढ़ घंटे बाद जाम समाप्त हो सका।
सिलारपुर की घटना के बाद जिले में संचालित खदानों, स्टोन क्रेशरों, रेत घाटों और खनिज भंडारण स्थलों की निगरानी व्यवस्था को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। लोगों का कहना है कि यदि खनिज नियमों, सुरक्षा मानकों और स्वीकृति शर्तों का नियमित निरीक्षण होता तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सकती थी।
जानकारी के अनुसार खनिज विभाग किसी भी खदान को स्वीकृति देते समय पट्टेदार का नाम, पता, खनिज का प्रकार, खदान का नाम, तहसील, सर्वे नंबर, पट्टा अवधि और स्वीकृति आदेश सहित विस्तृत विवरण दर्ज करता है। इसके बावजूद जिले में कई खदानों और क्रेशरों की स्वीकृति अवधि, संचालन और नियमों के पालन को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
विभागीय अभिलेखों एवं उपलब्ध जानकारी के अनुसार जिले में गिट्टी, फारसी पत्थर, मोरम, खंड बोल्डर तथा अन्य खनिजों से संबंधित बड़ी संख्या में खदानें और क्रेशर संचालित हैं। इनमें बालाजी स्टोन क्रेशर (पार्टनर विष्णु सिंघल), शुभम बंसल क्रेशर, दीपक शर्मा क्रेशर, सद्गुरु साइन ग्रेनाइट (पार्टनर चंद्रभान सिंह यादव), चंद्रभान सिंह सिसोदिया, महाकालेश्वर स्टोन (पार्टनर अनिल कुमार अग्रवाल), महेंद्र सिंह यादव, जितेंद्र सिंह गुर्जर, गीता रानी यादव, राजीव सिंघल, अचल शर्मा, राजस्थान क्रेशर, ओम स्टोन क्रेशर, नीरज खटीक, देवराज एसोसिएट्स, बाबा स्टोन क्रेशर (पार्टनर पवन जैन), राजनारायण भार्गव, शशि द्विवेदी, गणेश धाकड़, रामेश्वर गुप्ता, महेश कुमार भार्गव, रंजन सिंह तोमर, विनोद कुमार गुप्ता, निलेश पाठक, वेद प्रकाश शर्मा, कृष्णा कंस्ट्रक्शन कंपनी, विकास मारिया, नासिर खान सहित अनेक नाम शामिल हैं।
इसी प्रकार फारसी पत्थर, मोरम एवं खंड बोल्डर से संबंधित पट्टों में मन्ना सिंह यादव, रविंद्र सिंह चौहान, घनश्याम ओझा, सतीश वर्मा, बिहारी लाल गुप्ता, बाबा कट स्टोन, नरेश सिंह गुर्जर, धन्नो स्टोन, भाटो आदिवासी, मोनिका शर्मा, जयपाल सिंह बुंदेला, रेखा आदिवासी, मुनि आदिवासी, पंकज राठौर, सुदामा बंसल, ईश्वर माइनिंग एंड प्राइवेट लिमिटेड, राजा साहब, प्रीतम सिंह चौहान, धर्मेंद्र रावत, राजेश रावत, नितिन चौकसे, सुरेश तिवारी, तनिक जैन, नितिन राय, हिमांशु शर्मा, प्रताप सिंह गुर्जर, पूजा खटीक, निर्दोष गोयल, शशि रावत तथा शोभा गुप्ता सहित अनेक नाम दर्ज बताए जाते हैं।
हाल ही में सिंध नदी के घाटों से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 13 वाहनों को जब्त किया था, जिनमें 10 ट्रैक्टर और 3 हाईवा शामिल बताए गए। वहीं कोलारस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रेत भंडारण के मामलों को लेकर भी समय-समय पर शिकायतें और चर्चाएं सामने आती रही हैं।
खनिज विभाग में पूर्व में प्रमोद शर्मा खनिज अधिकारी के रूप में पदस्थ रहे हैं, जबकि वर्तमान में राम सिंह उइके खनिज अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। निरीक्षक स्तर पर सोनू श्रीवास, निरीक्षक वर्मा, निरीक्षक मुनेंद्र सहित अन्य अधिकारियों ने जिले में सेवाएं दी हैं, जबकि वर्तमान में ऋषभ दीक्षित निरीक्षक के रूप में पदस्थ हैं।
जिले में पूर्व में कलेक्टर रविंद्र चौधरी, अक्षय कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाली है, जबकि वर्तमान में कलेक्टर अर्पित वर्मा पदस्थ हैं। करैरा के सिलारपुर ब्लास्ट के बाद अब लोगों की नजर इस बात पर है कि जिले में संचालित खदानों, क्रेशरों, रेत घाटों और खनिज भंडारण स्थलों की जांच, निगरानी और नियमानुसार कार्रवाई को कितना प्रभावी बनाया जाता है।
करैरा ब्लास्ट की घटना ने जिले में खनिज गतिविधियों की निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जनता की अपेक्षा है कि खदानों, क्रेशरों और खनिज भंडारण से जुड़े मामलों में पारदर्शी जांच हो तथा जिम्मेदारी तय कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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