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अपने ही आदेशों के आगे बेबस अफसर? करैरा जनपद और जिला पंचायत में आखिर किसकी चल रही है सरकार!

  अफसरनामा | विनोद विकट अपने ही आदेशों के आगे बेबस अफसर? करैरा जनपद और जिला पंचायत में आखिर किसकी चल रही है सरकार! शिवपुरी, 02 जून 2026। शिव...

 अफसरनामा | विनोद विकट

अपने ही आदेशों के आगे बेबस अफसर? करैरा जनपद और जिला पंचायत में आखिर किसकी चल रही है सरकार!

शिवपुरी, 02 जून 2026।





शिवपुरी जिले की प्रशासनिक व्यवस्था पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जनपद पंचायत करैरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हेमंत सूत्रकार और जिला पंचायत शिवपुरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजयराज द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) मामलों में स्पष्ट आदेश जारी किए गए, लेकिन महीनों बाद भी उन आदेशों का पालन नहीं हो पाया। ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब अधिकारी अपने ही आदेशों का पालन नहीं करवा पा रहे हैं, तो आम जनता को न्याय कैसे मिलेगा?

दस्तावेज बताते हैं कि अपीलकर्ता मनोज कुमार द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी नहीं मिलने पर प्रथम अपीलें की गईं। सुनवाई के बाद संबंधित अधिकारियों ने ग्राम पंचायत सचिवों और लोक सूचना अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा में जानकारी उपलब्ध कराने के आदेश दिए। आदेशों में यह भी लिखा गया कि आदेश का पालन नहीं होने पर नियमानुसार कार्रवाई और निलंबन तक की अनुशंसा की जा सकती है।

लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब आदेशों का पालन ही नहीं हुआ, तो फिर कार्रवाई कहां हुई? क्या आदेश केवल फाइलों की शोभा बढ़ाने के लिए जारी किए गए थे? यदि अधीनस्थ कर्मचारी वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों को गंभीरता से नहीं लेते, तो यह प्रशासनिक अनुशासन पर सीधा प्रश्नचिह्न है।

आवेदक का कहना है कि जिला पंचायत स्तर पर भी आदेशों के पालन के लिए आवेदन दिया गया, लेकिन वहां भी स्थिति जस की तस बनी रही। यदि यह आरोप सही हैं, तो यह केवल सूचना अधिकार अधिनियम की अवहेलना नहीं बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही पर भी गंभीर सवाल है।

तीखे सवाल

जब आदेश का पालन नहीं हुआ तो जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई?

क्या जिला पंचायत और जनपद पंचायत के आदेश केवल कागजी औपचारिकता बनकर रह गए हैं?

क्या आदेशों की अवमानना करने वालों को संरक्षण प्राप्त है?

आखिर आम नागरिक न्याय के लिए किस दरवाजे पर जाए?

अफसरनामा

कलेक्टर अर्पित वर्मा के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि आदेश देने वाले अधिकारी ही अपने आदेशों का पालन नहीं करवा पा रहे, तो प्रशासनिक व्यवस्था की विश्वसनीयता कैसे बचेगी? जरूरत इस बात की है कि पूरे मामले की समीक्षा हो, जिम्मेदारी तय हो और यदि कहीं लापरवाही साबित होती है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

अफसरनामा : विनोद विकट

Editor-in-Chief : Indiaaajtak.in

मो. 09977708976

दिनांक : 02/06/2026

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